vote

ईवीएम के खराब होने की दिन भर रही शिकायतें
तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर की सरकार को चुनने के लिये करीब 79 वार्डों में बुधवार को हुआ मतदान छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्ण रहा,जहां 68.91 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।सुबह 7 बजते ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई।वोटर्स पोलिंग बूथ पर पहुंचे और अपने प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया।शहर के कुछ केंद्रों पर सुबह ही लाइन लगी नजर आई,जबकि कई वार्डों में शुरुआत में वोटर्स की संख्या काफी कम दिखाई। कई बूथ ऐसे भी रहे,जहां ईवीएम मशीनें खराब होने से एक से दो घंटे बाद वोटिंग शुरू हुई।बताया जा रहा है कि वार्ड 32,58 वार्ड 74,75 में देरी से मतदान शुरू हुआ तो वार्ड 50 में करीब आधे घंटे मतदान रूका रहा।तो वार्ड 47 में फर्जी वोटिंग की सूचना सामने आई है।इस दौरान केद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल,पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला,बीकानेर पश्चिम विधायक जेठानंद व्यास,विधायक सिद्धिकुमारी सहित अन्य नेताओं ने मतदान किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने मतदान किया।वार्ड नंबर 44 भाग 2 राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय नत्थूसर बास में मतदान किया।
कई वार्डों में हंगामा
जानकारी मिली है कि वार्ड 74 के बूथ मोहता भवन में करीब एक घंटे तक मशीन शुरू नहीं होने तथा वार्ड 58 के एम एम स्कूल व 75 के जनेश्वर भवन में करीब दो घंटे से ज्यादा मशीन खराब होने से शुरू नहीं हुए मतदान के कारण मतदाताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का क हना था कि मशीनों का प्रशिक्षण लेने के बाद भी यहां मतदान दल को मशीन ऑपरेट करनी नहीं आई।मशीनों के खराब होने के बावजूद भी सजगता नहीं दिखाई गई।ऐसे लग रहा था कि सरकार के दबाव में आरओ व एसओ काम कर रहे है।वहीं वार्ड 50 के बूथ संख्या 6 पर बीच मतदान मशीन खराब हो गई।वार्ड 32 में भी आधे घंटे मशीन नहीं चलने से मतदान में बाधा उत्पन्न हुई।लोगों ने जानबूझकर मशीनें खराब करने की शिकायतें लोग करते नजर आएं।वहीं रामपुरिया कॉलेज बूथ पर भी फर्जी वोट की शिकायत के चलते गहमागहमी हो गई।वहीं वार्ड 73 में बार बार बिना आईडी के लोगों के आवागमन पर एतराज जताने की बात को लेकर हंगामा हो गया।तो आचार्य चौक,बारह गुवाड़ स्थित बूथों पर भी मामूली बातों को लेकर झपड़ हुई। इस बीच वार्ड 43 में एक प्रत्याशी द्वारा किसी को गाली निकालने की बात को लेकर मारपीट की घटना सामने आई।इन सभी घटनाओं के विडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
विधायक से भिड़ा बूथ अधिकारी
नगर निगम चुनाव के दौरान विधायक और बूथ अधिकारी के बीच कहासुनी हो गई। वार्ड 45 में रबर फैक्ट्री के पास,बूथ 95 पर निरीक्षण करने पहुंचे विधायक जेठानंद व्यास को बूथ अधिकारी शिशुपाल सिंह ने बाहर जाने के लिए कह दिया,जिसके बाद समर्थकों ने नारेबाजी अधिकारी शिशुपाल सिंह ने विधायक को तुरंत बाहर जाने को कहा,200 मीटर दूर रहने की हिदायत दी और वीडियो बनाना शुरू कर दिया।अधिकारी के इस व्यवहार पर बाहर मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई। विधायक व्यास ने बदसलूकी आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से शिकायत की है।
भाजपा-कांग्रेस के बीच मुख्य मुकाबला
राजनीतिक पार्टियों के साथ ही कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशी भी पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में हैं।बीकानेर में मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।हालांकि,मेयर बनाने में निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका भी अहम हो सकती है। हालांकि अनेक वार्ड ऐसे है।जहां निर्दलीय प्रत्याशियों के कारण प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को सीधा-सीधा नुकसान होगा।बीकानेर जिले की 6 नगर पालिकाओं के लिए 11 सितंबर को मतदान होगा। सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।

दोनों ही पार्टियों ने बना लिया है बोर्ड बनाने का प्लान
निकाय चुनाव में मतदान खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस की असली सियासी रणनीति शुरू होगी। दोनों दलों ने संभावित जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए पार्षदों को एकजुट रखने की तैयारी की है।भाजपा बहुमत के आंकड़े के आसपास रहने वाले निकायों में प्रत्याशियों को होटल-रिसॉर्ट में ठहराकर ‘प्रशिक्षण वर्ग के नाम पर साथ रखने की रणनीति बना रही है।कांग्रेस ने भी कांटे के मुकाबले वाले निकायों में मतदान के तुरंत बाद या मतगणना से पहले बाड़ेबंदी की तैयारी की है।दोनों दलों की नजर मजबूत निर्दलीयों पर भी है,क्योंकि महापौर के चुनाव में उनका समर्थन निर्णायक हो सकता है।बोर्ड गठन की यह सियासी बाजी 21 सितम्बर तक चलेगी।

भाजपा का ‘ऑपरेशन बोर्ड,पार्षदों की होगी बाड़ेबंदी
निकाय चुनाव में मतदान खत्म होते ही भाजपा की बोर्ड गठन को लेकर सियासी कवायद तेज होगी। पार्टी की नजर खासतौर पर उन निकायों पर रहेगी,जहां वह बहुमत के आंकड़े के आसपास रह सकती है।ऐसे निकायों में मतदान के बाद प्रत्याशियों को होटल या रिसॉर्ट में एक साथ रखने की तैयारी है।पार्टी ने इस कवायद को ‘प्रशिक्षण वर्ग नाम दिया है।हालांकि,स्पष्ट बहुमत वाले निकायों में ऐसी जरूरत नहीं होने पर फैसला स्थानीय समीकरणों के आधार पर होगा। संगठन ने इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिलाध्यक्षों और निकाय प्रभारियों को दी है।महापौर-सभापति का चुनाव 20 और उपमहापौर-उपसभापति का चुनाव 21 सितम्बर को होना है।ऐसे में भाजपा की रणनीति परिणाम से लेकर बोर्ड गठन तक अपने पार्षदों को एकजुट रखने की है।पार्टी को आशंका है कि परिणाम के बाद जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग के जरिए पार्षदों को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है।भाजपा ने मजबूत निर्दलीय और बागी प्रत्याशियों पर भी नजर रखी है।जिन निकायों में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का समर्थन जरूरी होगा,वहां स्थानीय नेताओं को उनसे संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

कांग्रेस की कवायद,निर्दलीयों पर भी नजर
शहर के 79 वार्डो के लिये पहले चरण का मतदान खत्म होते ही कांग्रेस अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद शुरू करेगी।पार्टी ने जिला व विधानसभा प्रभारियों,विधायक और वरिष्ठ नेताओं को अलर्ट करते हुए प्रत्याशियों के साथ पार्टी विचारधारा से जुड़े मजबूत निर्दलीयों से भी संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर उन निकायों पर नजर है,जहां महापौर पद का मुकाबला कांटे का रहने और निर्दलीयों की भूमिका निर्णायक होने की संभावना है।पार्टी सूत्रों के अनुसार, स्थानीय समीकरणों के आधार पर बाड़ेबंदी का समय तय होगा। जहां जोड़-तोड़ और क्रॉस वोटिंग की आशंका ज्यादा है,वहां प्रत्याशियों को मतदान के तत्काल बाद सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।अन्य निकायों में मतगणना से एक-दो दिन पहले बाड़ेबंदी की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक,जरूरत पडऩे पर कुछ पार्षदों को बाहर भी ले जाया जा सकता है।

होटल-रिसॉर्ट चिह्नित
कांग्रेस ने इसके लिए होटल-रिसॉर्ट समेत ठिकाने चिह्नित कर लिए हैं। कई जगह बुकिंग भी हो चुकी है। पार्टी की रणनीति नतीजे के बाद महापौरके लिए होने वाली जोड़-तोड़ को रोकना और अपने पार्षदों को एकजुट रखना है।