तहलका न्यूज,बीकानेर।नगर के प्रथम नागरिक महापौर के लिये 21 सितम्बर को होने वाले चुनाव के लिये आज नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस ने पार्षदों की सहमति के बाद वार्ड 73 से पार्षद बने अनिल कल्ला को प्रत्याशी बनाया है,जबकि भाजपा ने वार्ड 13 से पार्षद बने सुरेंद्र सिंह शेखावत को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है।नगर निगम में मेयर पद के चुनाव से पहले कांग्रेस में बगावत सामने आई है। वार्ड 50 से कांग्रेस पार्षद नवरतन डागा निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतर गये है।अनिल के साथ नामांकन दर्ज करवाने में पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला,नोखा विधायक सुशीला डूडी,देहात अध्यक्ष बिसनाराम सियाग,पूर्व उप सभापति हारून राठौड़,कांग्रेसी नेता अब्दुल मजीद खोखर,इकबाल समेजा,रवि पुरोहित,प्रस्तावक पार्षद नवल किशोर पुरोहित,पार्षद धर्मवीर नाहटा,ताहिर हुसैन सहित अनेक कांग्रेसजन शामिल रहे।
डागा ने खोला मोर्चा
नवरतन डागा कांग्रेस से मेयर पद के दावेदारों में शामिल थे। पार्टी की ओर से अनिल कल्ला का नाम तय होने के बाद डागा ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है।वे आज अपना नामांकन दाखिल किया।नवरतन डागा वार्ड 50 से पार्षद चुने गए हैं।इसी वार्ड में पार्षद के टिकट को लेकर शहर जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट भी हुई थी।नामांकन के कुछ ही देर बाद बागी पार्षद नवरतन डागा की पूर्व मंत्री बी.डी. कल्ला और देहात जिलाध्यक्ष बिशनाराम सियाग से मुलाकात हुई।इसके बाद डागा के सुर नरम पड़े और उन्होंने कहा मैं कांग्रेस का सिपाही हूं,पार्टी का आदेश सर्वोपरि है।
सुरेन्द्र ने भी भरा नामांकन
उधर भाजपा प्रत्याशी डॉ सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने अपना नामांकन दाखिल किया।नामांकन दाखिल करते वक्त उनके साथ पूर्व विधायक बिहारीलाल विश्नोई,डॉ सत्यप्रकाश आचार्य,संपत पारीक, गोपाल गहलोत,अशोक प्रजापत, मोतीलाल हर्ष,प्रस्तावक दीपक व्यास,विनोद करल,मनीष सोनी,कमल गहलोत सहित भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
शहर अध्यक्षों व विधायकों की अनुपस्थिति भी रही चर्चा का विषय
नामांकन दाखिल प्रक्रिया में दोनों ही पार्टियों के शहर अध्यक्ष व दोनों भाजपाई विधायक नदारद रहने की चर्चा बनी रही। बताया जा रहा है कि शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ नामांकन दाखिल करते वक्त नजर नहीं आई। इतना ही नहीं बीकानेर पूर्व व पश्चिम के विधायक भी गायब रहे। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने तर्क दिया कि वे बीकानेर से बाहर होने की बात कह रहे है तो भाजपाई भी इसी बात को कहते दिखे।
निगम का सियासी गणित और आगे का कार्यक्रम
सीटों की स्थिति: कांग्रेस (42), भाजपा (27),निर्दलीय/अन्य (11)
17 सितंबर: नामांकन पत्रों की जांच।
18 सितंबर: नाम वापसी (दोपहर 3 बजे तक)। इसी दिन तय होगा कि नवरतन डागा मैदान में डटे रहते हैं या पर्चा वापस लेते हैं।
21 सितंबर: मेयर पद के लिए मतदान।
कांग्रेस का शत प्रतिशत बनेगा बोर्ड
पूर्व मंत्री डॉ.कल्ला ने कहा कि नगर निगम में कांग्रेस का बोर्ड शत-प्रतिशत बनेगा।कांग्रेस पार्षद नवरतन डांगा द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि डांगा को जल्द ही मना लिया जाएगा और वे कांग्रेस के साथ आएंगे।अनिल कल्ला का नाम महापौर प्रत्याशी के रूप में घोषित होने के बाद कांग्रेस में अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं तेज हो गई हैं।वार्ड नंबर 50 से कांग्रेस पार्षद नवरतन डांगा ने पार्टी प्रत्याशी के सामने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व पार्टी में किसी प्रकार के विरोध से इनकार कर रहा है।
परिवाद के आरोपों को किया खारिज
परिवारवाद के आरोपों पर अनिल कल्ला ने कहा कि वे पिछले 33 वर्षों से कांग्रेस के साथ जुड़े हुए हैं और लंबे समय तक पार्टी के लिए काम करने के बाद उन्हें यह अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा 33 साल से पार्टी के साथ हूं। 33 साल बाद पार्टी ने मुझे अवसर दिया है।क्रॉस वोटिंग की आशंका पर अनिल कल्ला ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी पार्षद एक मंच पर हैं। उन्होंने कहा मैं बोलकर नहीं बताऊंगा,बल्कि 21 तारीख को परिणाम बताएगा कि हमारी एकजुटता कितनी मजबूत है।अब नवरतन डांगा के निर्दलीय नामांकन के बाद कांग्रेस के सामने उन्हें मनाने और पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है। वहीं,अनिल कल्ला और डॉ.बी डी कल्ला दोनों ने कांग्रेस का महापौर बनने तथा नगर निगम में पार्टी का बोर्ड गठित होने का विश्वास जताया है।
