
तहलका न्यूज,बीकानेर।अणुव्रत एक्सप्रेस ट्रेन में सफर के दौरान बड़ी चोरी के मामले का खुलाया हो गया है।दरअसल, 11 सितंबर को नागपुर से नोखा आ रही महिला यात्रियों के बैग से 65-70 तोला सोने के जेवरात, चांदी और 7-8 लाख रुपए नकद चोरी हो गई थी। चोरी करने वाली गैंग के सदस्य हरियाणा के रहने वाले हैं।
नागपुर से नोखा आ रही थीं मां-बेटी,सीट के नीचे रखे थे बैग
पुलिस के अनुसार विक्रम रमेश राजपुरोहित की माताजी और बहन अणुव्रत एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 22631 से नागपुर से नोखा के लिए रवाना हुई थीं।दोनों का रिजर्वेशन बी-1 कोच में था। उनके पास दो ट्रॉली बैग सहित 3-4 अन्य बैग थे, जिन्हें सीट के नीचे रखा गया था। यात्रा के दौरान बैग से 65-70 तोला सोने के जेवरात, चांदी की पायजेब और अन्य आभूषण और 7-8 लाख रुपए नकद चोरी हो गए। इस संबंध में 14 सितंबर को जीआरपी थाना बीकानेर में रिपोर्ट दी गई।
जेवरात और 5 लाख रुपए बरामद, बाकी माल की तलाश जारी
जीआरपी के अनुसार आरोपियों से चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात और 5 लाख रुपए नकद बरामद किए गए हैं।प्रकरण में बाकी बचे हुए माल की बरामदगी और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे अन्य ट्रेन चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
रिजर्वेशन चार्ट और तकनीकी जांच से आरोपी गिरफ्तार
घटना में आरोपी की जान पहचान न होने के कारण पुलिस के सामने चुनौती थी। जीआरपी ने ट्रेनों में विशेष गश्त और निगरानी बढ़ाई।इसी तरह की वारदातों में शामिल अपराधियों का डाटा खंगाला गया और अणुव्रत एक्सप्रेस के रिजर्वेशन चार्ट का विश्लेषण किया गया। तकनीकी पहलुओं की जांच के दौरान पुलिस को गैंग के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले।इसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र कुमार,सुरेंद्र कुमार,सुनील कुमार और रणवीर को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने 6-7 सदस्यों की गैंग बनाकर ट्रेनों में चोरी करना बताया।पुलिस के अनुसार,आरोपियों ने इस वारदात को भी अंजाम देना स्वीकार किया है।
सामान गेट तक पहुंचाने के बहाने बनाते थे निशाना
पुलिस के अनुसार गैंग के सदस्य मुख्य रूप से लंबी दूरी की ट्रेनों में वारदात करते थे। यात्री जब गंतव्य स्टेशन से पहले अपना सामान सीट से निकालकर गेट या गैलेरी के पास रखते थे, तब गैंग के सदस्य मदद करने के बहाने उनके आसपास पहुंच जाते थे।गैंग के कुछ सदस्य सामान को सीट से गेट तक पहुंचाने में मदद करते, जबकि अन्य सदस्य यात्रियों का ध्यान भटकाते थे। इसी दौरान बैग की चेन या लॉक को मास्टर चाबी,पेचकस,ब्लेड और अन्य औजारों से खोलकर उसमें रखे जेवरात और नकदी निकाल ली जाती थी।इसके बाद बैग को इस तरह बंद कर दिया जाता था कि यात्री को तत्काल चोरी का पता नहीं चलता।
बोलेरो गाड़ी से अगले स्टेशन पर हो जाते थे फरार
पुलिस के अनुसार,यदि यात्री सामान को खुद गेट के पास रख देते थे तो गैंग के सदस्य वहां खड़े होकर यह जताते थे कि उन्हें भी अगले स्टेशन पर उतरना है।इसके बाद यात्रियों के सामान के चारों ओर घेरा बनाकर चोरी की जाती थी। वारदात के बाद आरोपी अगले स्टेशन पर उतर जाते और ट्रेन के साथ चल रहे बोलेरो वाहन से फरार हो जाते थे।
दो आरोपी बताए गए गैंग के सरगना
पुलिस के अनुसार,वीरेंद्र कुमार उर्फ पिल्ला और सुरेंद्र कुमार गैंग के सरगना हैं।दोनों हरियाणा के रहने वाले हैं और अपने साथियों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर ट्रेन यात्रियों को निशाना बनाते थे।गैंग के सदस्य फर्स्ट एसी, सेकंड एसी,थर्ड एसी और स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों के सोने-चांदी,हीरे के जेवरात और नकदी पर नजर रखते थे।
चारों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं चोरी के मामले
वीरेंद्र कुमार उर्फ पिल्ला ( 42)- चोरी के 6 मामले दर्ज
सुरेंद्र कुमार (46) – 6 मामले दर्ज
सुनील कुमार (42)- 3 मामले दर्ज
रणवीर (30)- 2 मामले दर्ज
जीआरपी की यात्रियों को सलाह
पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान बैग को सीट के नीचे सिक्योरिटी केबल से बांधकर लॉक रखें।कीमती सामान और नकदी अपने पास सुरक्षित रखें और अनजान यात्रियों पर सामान की जिम्मेदारी न छोड़ें।गंतव्य स्टेशन से पहले सामान को गेट के पास रखते समय विशेष सावधानी बरतें।
