तहलका न्यूज,बीकानेर।रोजगार मेले युवाओं के साथ केवल एक छलावा और पब्लिसिटी स्टंट हैं।यह आरोप एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा बीकानेर प्रवास के दौरान पत्रकार वार्ता में केन्द्रीय सरकार पर लगाएं गये है।उनका मानना है कि सरकार नियमित और स्थायी सरकारी नौकरियों को खत्म कर रही है और इन मेलों के जरिए युवाओं को गुमराह किया जा रहा है।रेलवे और अन्य सरकारी विभागों में लाखों स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।सरकार नियमित भर्ती प्रक्रिया के जरिए इन्हें भरने के बजाय रोजगार मेलों के जरिए संविदा या आउटसोर्सिंग आधारित नौकरियां दे रही है।
यूनियनों के दबाव का असर
मिश्रा ने कहा कि भारतीय रेलवे को देश की जीवन रेखा माना जाता है और इसके निजीकरण को रोकने तथा सार्वजनिक स्वरूप को बचाए रखने में रेल यूनियनों ने ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन,नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन और सदर्न रेलवे मजूदर यूनियन जैसे संगठनों ने समय-समय पर सरकार की कॉर्पोरेट-अनुकूल नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोला है।यूनियनों के लगातार कड़े विरोध और हड़ताल की चेतावनियों का ही परिणाम है कि सरकार को समय-समय पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर यह स्पष्टीकरण देना पड़ा है कि रेलवे के निजीकरण की कोई नीति या योजना नहीं है और यह पूरी तरह सार्वजनिक क्षेत्र में बनी रहेगी। हालांकि तकनीकी आधुनिकता के नाम पर कुछ क्षेत्रों में निजी निवेश को मंजूरी दी गई है,लेकिन यूनियनों की सतर्कता के कारण रेलवे का पूरी तरह कॉर्पोरेटाइजेशन नहीं हो सका है।
मंडल स्तर के प्रस्तावों पर नहीं दिया जाता ध्यान
एआईआरएफ के महामंत्री ने बताया कि रेल मंडल स्तर से भेजे जाने वाले विकास,यात्री सुविधा और कर्मचारियों से जुड़े प्रस्तावों पर उच्च स्तर पर अक्सर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता है,जिसके कारण कई कार्य लंबित रह जाते हैं। मंडल स्तर पर कर्मचारियों की पदोन्नति,कैडर रिव्यू या अन्य न्यायसंगत मांगों से जुड़े प्रस्ताव अटके रहते हैं,जिससे कर्मियों में असंतोष बढ़ता है।उन्होंने कहा कि कई बार उच्च स्तर पर स्थानीय जरूरतों की तुलना में बड़े प्रोजेक्ट्स या अन्य प्राथमिकताओं को अधिक महत्व दिया जाता है।मिश्रा ने डीए व एरियर नहीं मिलने की बात कहते हुए इसमें 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की मांग की है। साथ ही विजयवाड़ा में होने वाले सम्मेलन में अधिवेशन के प्रस्तावों पर निर्णय लेने की बात कही।
दो दिवसीय अधिवेशन शुरू,निकाली रैली
नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन का दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन बीकानेर में आज से शुरू हुआ।अधिवेशन की शुरूआत यूनियन की कार्यसमिति की बैठक के साथ हुई। जिसमें अनेक प्रस्ताव पर मंथन हुआ।बाद में कार्मिकों की रैली निकली,डीआरएम ऑफिस से शुरू होकर बोथरा कॉम्पलेक्स,प्रेमजी पोईंट,खंजाची मार्केट,सादुल सिंह सर्किल,कलेक्ट्रेट,विश्नोई धर्मशाला,तुलसी सर्किल होती हुई रेलवे स्टेडियम में सम्पन्न हुई।जहां अधिवेशन हुआ।अधिवेशन में बीकानेर मंडल के सूरतगढ़,हनुमानगढ़,श्रीगंगानगर,सिरसा,बठिंडा,लालगढ़,बीकानेर,रतनगढ़,चुरु,हिसार,लालगढ़ वर्कशॉप (कार्यशाला) की सभी शाखों से सैकड़ों की संख्या मे रेल कर्मचारियों ने भाग लिया।इस दौरान एआईआरएफ के महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने बताया कि आज भारतीय रेल कर्मचारियों के समक्ष आठवां वेतन आयोग किस प्रकार की सिफ ारिश करेगा यह सबसे बड़ा प्रश्न है।हमने सभी केटेगरी की कार्य जोखिम और कर्मचारियों की भावनाओं के अनुरूप आयोग को उचित वेतन,भत्ते और सुविधाओं से संबंधित सिफारिशों के लिए विस्तृत मेमोरेंडम प्रस्तुत किया है। इस महीने की आखिर में हम आयोग से चर्चा करके पूरा औचित्य भी प्रस्तुत करेंगे।उन्होंने कहा कि रेलवे के विभिन्न विभागों में आउटसोर्सिंग बढ़ती जा रही है।एआईआरएफ इसका कड़ा विरोध कर रहा है एवं आगामी 8 अक्टूबर को नई दिल्ली में इस विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाया गया है,जिसमे भावी रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड पीएनएम में हमने रेल कर्मचारियो से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की है और रेलवे बोर्ड से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आदेश जारी करने की मांग की है।जिसमे ट्रैक मैंटेनर की पेट्रोलिंग 12 किमी करने एवं सीधी भर्ती के 10 प्रतिशत पद कम करके एलडीसीई ओपन करने,रनिंग सहित विभिन्न के टेगरी की रिक्तियों को भरने,एस एन्डटी और टीआरडी में पदों का सृजन करने आदि प्रमुख है।एआईआरएफ के कार्यवाहक अध्यक्ष जे आर भोसले ने कहा कि कैडर रिस्ट्रक्चरिंग में कई केटेगरी में उच्च ग्रेड के पदों के प्रतिशत बढ़ाने पर सहमति हुई है,लेकिन रेलवे बोर्ड से आदेश जारी होने में अनावश्यक विलंब हो रहा है। उन्होंने बताया कि रनिंग स्टाफ को आयकर में किमी भत्ता के 70 प्रतिशत भाग पर स्थायी रूप से छूट देने की मांग रेलवे बोर्ड पीएनएम में जोरदार तरीके से उठायी है।एनडब्लयूआरईयू के महामंत्री मुकेश माथुर ने कहा कि जीडीसीई की नई अधिसूचना शीघ्र जारी कराने,कंट्रोलर की पदोन्नति कराने सहित जोनल स्तरीय मुद्दों के साथ-साथ,विभिन्न मांगों के प्रस्ताव पर चर्चा की।इस अधिवेशन में मोबाइल स्क्रीन का सीमित एवं एआई का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने संबंधी प्रस्ताव भी लाया गया।अधिवेशन में जोनल अध्यक्ष जयपुर कॉम मनोज परिहार,प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी उत्तर पश्चिम रेलवे जयपुर,राजीव सिंह एवं मंडल रेल प्रबंधक बीकानेर गौरव गोविंद,एसएसटी एसोशिएशन के अध्यक्ष बी एल बैरवा,कॉम गणेश वशिष्ठ मंडल सचिव एवं कॉम प्रेम कुमार सैनी ने भी विचार रखे।
