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तहलका न्यूज,बीकानेर।पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग में मरीज को बेड नहीं मिलने से मौत हो गई।परिजनों ने आरोप लगाया है कि मरीज को करीब 17 घंटे तक बेड नहीं मिला।बाद में हालत बिगडऩे पर उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया।जहां उसकी मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, घटना 12 अक्टूबर की रात की है।श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर निवासी राधेश्याम को परिजन रात करीब 2:30 बजे पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि डॉ.विजय तुंदवाल की यूनिट में काफी समय तक बेड उपलब्ध नहीं हुआ।बाद में मरीज की हालत बिगडऩे पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया,जहां उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।हालांकि,मौत के कारण और इलाज में किसी तरह की लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।अस्पताल प्रशासन की ओर से तीन सदस्यीय समिति का गठन कर पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए है।

527 बेड, कई वार्डों में क्षमता से ज्यादा मरीज
मेडिसिन विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विभाग में कुल 527 बेड हैं। इनमें करीब 380 सामान्य बेड हैं। इसके बावजूद कुछ वार्डों में स्वीकृत क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने की स्थिति बताई जा रही है।एक वार्ड में 70 बेड के मुकाबले करीब 100 मरीज होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को बेड उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

10 कॉटेज वार्ड शुरू करने की तैयारी
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेडिसिन विभाग में 10 कॉटेज वार्ड शुरू करने की तैयारी की जा रही है।इससे मरीजों को बेड उपलब्ध क राने में मदद मिलने की उम्मीद है।हालांकि,मौजूदा समय में बेड की कमी और मरीजों के बढ़ते दबाव के बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत बनी हुई है।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आया है।रिपोर्ट के अनुसार,एक सामाजिक कार्यकर्ता को रोके जाने के मामले में विवाद हुआ।इस दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए।