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तहलका न्यूज,बीकानेर। चूने से लदे ट्रक को खाली करते वक्त गर्मी से बेहोश हुए श्याम सुंदर जोशी की मौत हो गई। इससे आक्रोशित हुए परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मोर्चरी के बाहर धरना दे दिया। परिजनों ने खादी के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि बुधवार को युवक चूने से भरे ट्रक को खाली कर रहा था। उमस वाली गर्मी इतनी अधिक थी कि युवक बेहोश हो गया। उसको पीबीएम में भर्ती करवाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित हुए परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों की मांग थी कि मृतक की पत्नी को नौकरी व परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएं। काफी बहस के बाद खादी मंदिर परिसर में समझौता वार्ता भी हुई। जिसमें सहमति बनने के बाद शव को उठाया गया ओर मोर्चरी के बाहर दिया जा रहा धरना समाप्त किया गया।

11.50 लाख दिया जायेगा मुआवजा
धरने प्रदर्शन के बाद तहसीलदार और खादी अधिकारी के साथ हुई वार्ता में मृतक के आश्रितों को 11.50 लाख रुपये देना तय हुआ। इसमें 5 लाख प्रशासन,तीन लाख खादी की ओर से सहयोग राशि दी जायेगी। वही मृतक के बीमा व अन्य कटौतियों की जमा राशि साढ़े तीन लाख रूपये भी दिएं जाएंगे। साथ एक जने को नोकरी मिलेगी। समझौता वार्ता में खादी बोर्ड के मंत्री इंद्र भूषण,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर दीपक शर्मा, सीओ गंगाशहर शालिनी बजाज,जवाहर लाल सेठिया,जे पी व्यास,ाजकुमार किराडू गिरिराज जोशी,पार्षद दुर्गादास छंगाणी,विकास,आनंद जोशी,बबला महाराज प्रभु जोशी विक्की नारायण जोशी बलदेव जोशी देवनारायण शिव कुमार जोशी अशोक जोशी कपिल,रामनिवास ब्रह्मदेव जयंत नवरत्न गौड,मदन गोपाल आचार्य,नटवर जोशी राहुल उपाध्याय कुलदीप,जितेंद्र भादाणी,नवरत्न ओझा कैलाश ओझा आदि मौजूद रहे।मृतक परिजनों को य़ह राशि 15 दिन में देनी होगी।