तहलका न्यूज,बीकानेर।प्रदेश के व्यापारिक जगत के व्यापार को संजीवनी देने के लिये सरकार ने एक बड़ा तोहफा प्रदान किया है।जिसके तहत अब प्रतिष्ठान 24 घंटे खुल सकेंगे।जिसकी राज्य सरकार ने अधिसूचना भी जारी कर दी है। इसके अन्तर्गत बीकानेर सहित 123 शहरों के बाजार सातों दिन 24 घंटे खुल सकेंगे। सरकार के इस फैसले से व्यापार आसान होने के साथ ही पयर्टन एवं नाइट लाइफ को बढ़ावा मिलेगा।इस संबंध में श्रम विभाग के अतिरिक्त श्रम आयुक्त एवं संयुक्त सचिव ओम प्रकाश सहारण की ओर से एक विशेष राजपत्र अधिसूचना जारी की गई है।यह आदेश 15 अप्रैल 2024 को जारी पुरानी अधिसूचना को निरस्त करते हुए तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। हालांकि,इस छूट के साथ सरकार ने नियोक्ताओं के लिए 7 अनिवार्य शर्तें भी लागू की हैं,जिनका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि सरकार ने बजट 202 6-27 में बाजार 24 घंटे खोले जाने की छूट प्रदान किए जाने की घोषणा की थी।जिसे अमल में लाया गया है।ऐसा होने से सुविधाएं बढ़ेंगी,अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।देर रात तक काम करने वाले लोगों को सुविधाएं मिलेंगी। शिफ्ट में काम करने से अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।भूमि उपयोग परिवर्तन,भवन निर्माण और श्रम विभाग से संबंधित स्वीकृतियों के लिए चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।सेवा क्षेत्र में श्रमिकों की मांग बढ़ेगी।नए प्रतिष्ठान भी खुलेंगे।सेवा और खुदरा क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मौजूदा बड़े प्रतिष्ठानों को रात्रिकालीन शिफ्टों के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।इस प्रकार,सेवा क्षेत्र में तेजी आने की उम्मीद है।सरकार रात्रिकालीन सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था के लिए मजबूत इंतजाम करेगी।

वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए नियम एवं शर्तें
कर्मचारियों को प्रति सप्ताह एक सवैतनिक साप्ताहिक अवकाश देना अनिवार्य होगा।कर्मचारियों से प्रतिदिन 10 घंटे और प्रति सप्ताह 48 घंटे से अधिक काम नहीं कराया जा सकता।ओवरटाइम का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।यदि किसी कर्मचारी से अधिक समय तक काम कराया जाता है,तो भुगतान मजदूरी अधिनियम के अनुसार किया जाएगा।नियुक्ति पत्र जारी किया जाएगा और उसकी एक प्रति श्रम निरीक्षक को भेजी जाएगी।यह छूट दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए है।कर्मचारियों को कर्मचारी अधिनियम की सभी धाराओं के तहत मिलने वाले लाभ प्राप्त होते रहेंगे।यदि कोई दुकान या वाणिज्यिक प्रतिष्ठान इन शर्तों का उल्लंघन करता है,तो दी गई छूट स्वत: समाप्त मानी जाएगी।रात के समय (शाम 8 बजे से सुबह 6 बजे तक) महिला कर्मचारियों को काम पर रखने के लिए उनकी लिखित सहमति अनिवार्य है।इसके साथ ही,नियोक्ता को महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल और आने-जाने के लिए परिवहन की सुविधा सुनिश्चित करनी होगी।

दूसरे चरण में गांवों-कस्बों तक विस्तार
यह राजस्थान दुकान एवं वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम,1958 के तहत पंजीकृत प्रतिष्ठानों पर लागू होगी।इस फैसले से पर्यटन,नाइट लाइफ और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।अगर इन शहरी क्षेत्रों में इसका कोई लाभ दिखेगा तो दूसरे चरण में,इस योजना का विस्तार गांवों और छोटे कस्बों तक किया जाएगा।इस कदम से व्यापार आसान होने,पर्यटन और नाइटलाइफ़ को बढ़ावा मिलने और नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।साथ ही,आजीवन पंजीकरण के बाद लाइसेंसिंग प्रणाली समाप्त हो जाएगी,जिससे भ्रष्टाचार में कमी आने की संभावना है।

छोटे दुकानदारों को पंजीकरण से छूट
श्रम विभाग के अनुसार,राजस्थान की दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के नियमों के तहत,0 से 10 कर्मचारियों वाले संस्थानों को पंजीकरण से छूट दी जाएगी।इसका अर्थ है कि उन्हें 24 घंटे खुले रहने की अनुमति होगी,लेकिन कुछ शर्तों में ढील दी जाएगी।इससे छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को काफी लाभ होगा।साथ ही इस फैसले से व्यापारियों को तीन बड़ी राहतें मिलेगी।जिसके अन्तर्गत लाइसेंस प्रणाली खत्म हो गई है।अब व्यापारियों को बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।आजीवन पंजीकरण की सुविधा मिली है।एक बार पंजीकरण कराने के बाद बार-बार प्रक्रिया नहीं होगी।24 घंटे 7 दिन व्यापार की छूट।दुकानें और प्रतिष्ठान रात को भी खुले रह सकेंगे।

इसलिए मान रहे जरूरी
अफसरों का मानना है कि यदि 24 घंटे दुकान खोलने की छूट दी जाती है,तो सुरक्षा,साफ-सफाई और निगरानी के लिहाज से लाइसेंस सिस्टम जरूरी होना चाहिए। इससे प्रशासन के पास दुकानों का रिकॉर्ड रहेगा और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

अभी यह चुनौती
नगर निगम,पालिका और नगर परिषदों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि पहले बड़े पैमाने पर व्यापारियों को लाइसेंस के दायरे में लाया जाए, लेकिन इसके लिए पहले नियम बनाकर उसे लागू करना होगा। यह किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि व्यापारियों के लिए इसके लिए आसानी से तैयार होना मुश्किल है। अभी रेस्टोरेंट,मिष्ठान भंडार व अन्य कुछ एक व्यापारिक गतिविधियों के लिए ही ट्रेड लाइसेंस दिया जा रहा है।

बीकानेर संभाग में यहां खुलेंगे बाजार
इस फैसले में बीकानेर शहर सहित जिले के श्रीडूंगरगढ़,नोखा व लूणकरणसर बाजार को यह सुविधा मिलेगी।इसके अलावा चूरू,रतनगढ़,सरदारशहर,सुजानगढ़,तारानगर,सादुलपुर (राजगढ़),बीदासर,राजलदेसर,श्रीगंगानगर,रायसिंह नगर,करणपुर,सूरतगढ़,हनुमानगढ़,नोहर, भादरा,संगरिया के बाजारों को भी 24 घंटे खोलने की छूट दी गई है।