तहलका न्यूज,बीकानेर।जिले के नाल थाना क्षेत्र में हुए रविवार रात हुए सड़क हादसे में मृतक घनश्याम भादाणी के परिजनों ने पीबीएम स्थित मोर्चरी के आगे धरना लगा दिया है।पूर्व पार्षद गिरिराज जोशी की अगुवाई में बैठे धरनार्थियों की मांग है कि इस हादसे को अंजाम देने स्टंटबाज मोटरसाइकिल चालकों को गिरफ्तार किया जाएं। साथ ही मृतक की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वो एक चाय की दुकान चलाता था।ऐसे में उसके परिवार के लालन पालन के लिये मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक सहयोग व एक आश्रित को संविदा पर नौकरी दी जावें। ऐसा नहीं होने तक शव को नहीं उठाया जाएगा।गौरतलब रहे कि पीबीएम अस्पताल में भर्ती पिता के जल्द स्वस्थ होने की मन्नत लेकर कोडमदेसर भैरव मंदिर जा रहा एक परिवार रविवार रात दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया। हादसा रविवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे ग्रांधी प्याऊ के पास अमर बकरा बाड़े के निकट तेज रफ्तार बाइक ने पदयात्रियों को टक्कर मार दी। हादसे में परिवार के मुखिया घनश्याम दास भादाणी (60) की मौके पर मौत हो गई,जबकि बाइक सवार पंचमुखा मंदिर के पास रहने वाले मिहिर महात्मा ने दम तोड़ दिया। दुर्घटना में तीन पदयात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
पैदल मंदिर जा रहे थे
जानकारी के अनुसार, पीबीएम अस्पताल के एसएसबी सेंटर में भर्ती श्याम सुंदर उपाध्याय के स्वास्थ्य लाभ की कामना को लेकर उनकी बेटियां स्वाति (29) और महक (22),पुत्र चिराग (12),फूफा घनश्याम दास तथा रिश्तेदार सोनू (20) पैदल कोडमदेसर भैरव मंदिर जा रहे थे। रात करीब साढ़े नौ बजे मंदिर से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले ग्रांधी प्याऊ के पास यह हादसा हो गया।हादसे में स्वाति, महक और सोनू गंभीर रूप से घायल हो गए,जबकि 12 वर्षीय चिराग को मामूली चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। जबकि घायलों को बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारी रमाकांत शर्मा व मनोज किराडू अपनी गाड़ी में पीबीएम लेकर आएं।
मांगे नहीं मानी तो नहीं उठाएंगे शव
पीबीएम अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत का मामला गर्माता जा रहा है।जहां एक ओर कांग्रेस इस प्रकरण को लेकर सरकार पर हमलावर है और 12 दिनों से अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध जता रही है। वहीं दूसरी ओर दूसरी मृतक प्रसूता के परिजनों ने मोर्चरी के बाहर धरना देकर शव नहीं उठाने की चेतावनी दे डाली है।समाज के नेता सीताराम नायक की अगुवाई में चल रहे धरने के दूसरे दिन भी शारदा नायक को न्याय दिलाने की मांग कर रहे है। आक्रोशित लोगों का आरोप है कि पीबीएम अधीक्षक को बर्खास्त किया जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और इस प्रकरण में दोषियों को सजा मिले। आखिर किस कारण इतनी प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी। इसका पर्दाफाश होना चाहिए। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तब तक शव नहीं उठाया जाएगा।आपको बता दें कि पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद किडनी फेल होने से मेडिसिन आईसीयू में भर्ती प्रसूता शारदा ने भी उपचार के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया। प्रसूता प्रीति की मौत के बाद अस्पताल में यह दूसरी प्रसूता की जान गई है।
साढ़े पांच महीने में मौत का आंकड़ा पहुंचा 15
जिले में इन साढ़े पांच महीने में प्रसव के बाद प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा 15 तक पहुंच गया है।अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में प्रसूताओं की मौत का मुख्य कारण खून की कमी,अत्यधिक रक्तस्राव,हाई बीपी,इंफेक्शन और किडनी फेल होने सहित कई तरह के गंभीर संक्रमण रहे हैं। प्रीति के बाद अब शारदा की मौत से कुल मौतों का आंकड़ा और बढ़ गया है,जिससे पीडि़त परिवारों में गहरा आक्र ोश है। प्रशासन की ओर से पूर्व में ड्रग कंट्रोलर विभाग द्वारा लिए गए 32 तरह की दवाओं के सैंपलों की रिपोर्ट का अब भी इंतजार किया जा रहा है।
