तहलका न्यूज,बीकानेर।‘परोपकाराय पुण्याय,पापाय परपीडऩम्’अर्थात् परोपकार करना पुण्य है और दूसरों को कष्ट देना पाप है।प्यासे को पानी पिलाना केवल सेवा नहीं ईश्वर की सच्ची उपासना है।यह उद्गार सींथल पीठाधीश्वर महंत क्षमाराम जी महाराज ने पीबीएम में मर्दाना विभाग के समक्ष स्थित गंगा द्वार जल सेवा के दौरान व्यक्त किए।श्रीकृष्ण सेवा संस्थान द्वारा संचालित इस वर्ष की 101 दिन की जल सेवा के उपलक्ष में महंत क्षमाराम जी महाराज ने स्वयं काफी देर तक लोगों को जल सेवा प्रदान की।संस्थान के श्यामसुंदर सोनी ने बताया कि एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने महंत क्षमारामजी महाराज का तिलक लगा कर अभिनंदन किया।एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा ने कहा कि पीबीएम जैसी पीडि़तजनों की स्थली में जल सेवा का कार्य सबके लिए हितकर है।इससे पूर्व पीबीएम अधीक्षक डॉ.बीसी घीया ने भी जल सेवा की।101वें दिवस की जल सेवा महोत्सव में पधारने पर महंत क्षमारामजी महाराज एवं एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा को आदियोग भेंट कर अभिनंदन किया गया।इस दौरान मांगीलाल कुकरा,नंदलाल जोड़ा,महेश कुकरा,मूलचंद बामलवा,जानकीरमण मिश्रा,मूलचंद धूपड़,मघाराम कुमावत,घनश्याम पाणेचा,भागीरथ सहदेव आदि उपस्थित रहे।संस्थान के संजय लावट ने बताया कि भैरुलाल मौसूण की सुपुत्रियों गंगा सोनी व यशोदा सोनी द्वारा शुक्रवार की जल सेवा व्यवस्था रही।भैरुलाल मौसूण ने बताया कि अप्रेल माह में एसपी मृदुल कच्छावा ने गंगा द्वार जल सेवा का शुभारम्भ किया था।भीषण गर्मी और उमस के इन दिनों में पीबीएम में रोजाना हजारों राहगीरों व मरीजों के परिजनों के लिए शीतल जल सेवा प्रदान की जा रही है।पिछले 14 वर्षों से गर्मी शुरू होते ही यानि मार्च-अप्रेल माह में यह जल सेवा शुरू होती है जो कि अगस्त-सितम्बर माह तक निरन्तर जारी रहती है।खास बात यह है कि चिकित्सक व पुलिसकर्मियों का इस सेवा में विशेष सहयोग रहता है।