तहलका न्यूज,बीकानेर।बच्चों के भविष्य को असुरक्षित होते नहीं देख सकते। यदि हमारे बच्चों समानता और स्वाभिमान के संवैधानिक अधिकार को छीना गया है। तो भाजपा भी असुरक्षित होगी।भाजपा का बहिष्कार करने में भी करने में पीछे नहीं रहेंगे।लेकिन इस बार यूजीसी रोल बैक करवा कर ही दम लेंगे। यह बात क्षत्रिय करणी सेना और अखंड पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने बीकानेर प्रवास के दौरान कही।उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून सामान्य वर्ग के छात्रों के हितों के खिलाफ है और इसे वापस लेने की मांग को लेकर 23 अगस्त को दिल्ली में सवर्ण आक्रोश महापंचायत आयोजित की जाएगी और जब तक यह कानून वापस नहीं होगा तब तक हम नहीं हटेंगे। शेखावत ने कहा कि समस्त सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी रेगुलेशन एक्ट-2026 की विसंगतियों एवं यूजीसी रोलबैक को लेकर वे राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान चला रहे है। इसी क्रम में 15,000 किलोमीटर की जनजागरण वाहन यात्रा राजस्थान,मध्य प्रदेश,हरियाणा,उत्तरप्रदेश एवं दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के कई जिलों से होकर देश भर में जनसंपर्क कर रही है तथा 23 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली यूजीसी रोलबैंक सवर्ण आक्रोश महापंचायत में पहुंचकर संपन्न होगी।शेखावत ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों,अभिभावकों,शिक्षाविदों तथा सामान्य वर्ग के नागरिकों तक यूजीसी रेगुलेशन-2026 की विसंगतियों से संबंधित मुद्दों एवं जनभावनाओं को पहुंचाना है।शेखावत ने कहा कि हम किसी वर्ग के अधिकार छीनने के विरोध में नहीं हैं।हम ऐसी व्यवस्था चाहते हैं जिसमें किसी के अधिकार सुरक्षित करते समय किसी निर्दोष के अधिकार असुरक्षित न हों।

जो नेता हमारा नहीं है वो किसी काम का नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि सारे राजनीतिक दलों ने सवर्णों से वोट तो ले लिया और जब सरकारें बन गई तो इसी सवर्ण समाज को कुचलने का काम किया जा रहा है।केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना सोचे समझे यूजीसी लागू कर दिया,जिसमें इतनी बड़ी विसंगतियां है कि आने वाले समय में सवर्ण व दलित समाज एक दूसरे के विरोधी हो जाएंगे।अगर देश में समानता का भाव लाना है तो यूजीसी जैसे काले कानून को सरकार को वापस लेना होगा।डॉ शेखावत ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशन-2026 को लेकर जो सर्वण नेता विरोध नहीं करेगा और आंदोलन में साथ नहीं देगा उन सभी का आगामी चुनावों में खुलकर बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो नेता हमारा नहीं है वो किसी काम का नहीं है।

हाथ में केसरिया झंडा और मजबूत डंडा लेकर पहुंचे दिल्ली
राज शेखावत ने कहा कि क्षत्रिय समय व्यर्थ नहीं करता। इस बार इस पार या उस पार की लड़ाई लड़ रहे है।हमने सभी को हाथ में केसरिया झंडा और मजबूत डंडा लेकर दिल्ली पहुंचने को कहा।सरकार बल प्रयोग करें तो हम अपनी स्वयं रक्षा करेंगे। लेकिन जब तक यह कानून रोलबेक नहीं होगा। तब तक हम दिल्ली छोडऩे वाले है।चाहे हमें किसी स्तर पर जाना पड़े। यह लड़ाई अब आरपार की है। हम अपने बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।उन्होंने कहा कि महापंचायत में देश भर से लाखों लोग एकत्र होंगे जो फैसला होने पर ही वहां से हटेंगे।शेखावत ने सभी सवर्ण समाज से इस महापंचायत में पहुंचने की अपील की।

कॉकरोच पार्टी ने दिया संदेश
शेखावत ने कहा कि कॉकरोच पार्टी के आन्दोलन से पूरे भारत ने बहुत कुछ सीखा।उन्होंने बता दिया कि ज्ञापन देने से न्याय नहीं मिलेगा।वहां पहुंचकर अडऩा पड़ेगा। उन्होंने यह दिखाया और वे सरकार को झुकाने में कामयाब हुए। ऐसा ही हमें करना होगा।तभी सफलता मिलेगी।मकराना द्वारा चलाएं गये आन्दोलन पर पूछे प्रश्न का जबाब देते हुए शेखावत ने कहा कि देश में सामान्य नागरिकों के कई संगठन है,वे अपनी अपनी रणनीति के तहत काम कर रहे है। यह दिल्ली से लागू हुआ है तो इस मुद्दे को खत्म करने के लिये दिल्ली ही पहुंचना पड़ेगा।उन्होंने राज्यों में घूमने की बजाय दिल्ली आने का आह्वान किया।