ganesh

गणपति बप्पा अगले बरस तू जल्दी आ… के जयकारों से गूंजा शहर
तहलका न्यूज,बीकानेर। गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ…..जय गणेश-जय गणेश देवा सरीखे जयकारे,हवा में उड़ती सतरंगी गुलाल, नाचते-गाते पुरुष-महिलाएं तथा सरोवरों पर श्रद्धालुओं की भीड़।यह नजारा रहा गणेश पूजन महोत्सव की पूर्णाहुति पर निकाली गई शोभायात्राओं तथा प्रतिमा विसर्जन स्थलों का। गणेश चतुर्थी से चल रहे दस दिवसीय गणेश पूजन महोत्सव की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुई।प्रतिमा स्थलों पर हवन,पूजन और महाआरती के आयोजन हुए।गाजे-बाजे के साथ शोभायात्राएं निकाली गई।डीजे पर बज रहे भजनों की मधुर स्वर लहरियों के बीच युवक-युवतियां व बच्चे नाचते-गाते,डांडिया नृत्य करते हुए शोभायात्राओं में शामिल हुए।गणेश प्रतिमाओं का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर व गुलाल लगाकर स्तुती वंदना की गई।प्रतिमाओं का विभिन्न सरोवरों के जल में विसर्जन किया गया।सरोवरों के पास मेले सा माहौल रहा। पूजन-महोत्सव की पूर्णाहुति पर शहर के गली-मोहल्लों सहित घर-घर में आयोजित हुए पूजन-अनुष्ठान की पूर्णाहुति पर मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं का देवीकुंड सागर तालाब,संसोलाव,श्रीकोलायत आदि के सरोवरों के जल में विसर्जन किया गया।भगवान गणेश के विसर्जन के दौरान महोत्सव कमेटियों,मोहल्ला समितियों की ओर से शोभायात्राएं निकाली गई।वाहनों में गणेश प्रतिमाओं को विराजित कर विसर्जन स्थलों की ओर ले जाई गई। इस दौरान पुरुष,महिलाएं,युवक-युवतियां तथा बच्चे प्रतिमाओं के समक्ष नाचते-गाते हुए चल रहे थे।गणपति बप्पा मोरया,जय गणेश देवा के जयकारों से गली-मोहल्ले गुंजायमान रहे।शोभायात्राएं सरोवर स्थलों पर पहुंच कर सम्पन्न हुई।गणेश पूजन महोत्सव की पूर्णाहुति पर दस दिनों तक मिट्टी से बनी जिन गणेश प्रतिमाओं का पूजन किया गया।उनका विधि विधानपूर्वक सरोवरों के जल में विसर्जन किया गया।सदाफते बारह गुवाड़,रत्ताणी व्यास चौक,जोशीवाड़ा,विश्वकर्मा गेट,वाल्मीकि बस्ती,साले की होली,रघुनाथ मंदिर के समीप किराडू गली सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे महोत्सव स्थलों की प्रतिमाओं का विसर्जन सरोवर जल में किया गया। वहीं घरों में दस दिनों तक पूजन की गई गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सरोवर जल में किया गया।गणेश पूजन महोत्सव की पूर्णाहुति पर हवन-पूजन के विशेष आयोजन हुए। गणेश प्रतिमाओं के समक्ष हवन में आहुतियां दी गई।मोदक का विशेष भोग लगाया गया।महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

महाराष्ट्र की तर्ज पर मनाया जाता है गणेश महोत्सव
महाराष्ट्र की तर्ज पर अब बीकानेर में भी बड़ी संख्या में लोग गणेश चतुर्थी पर अपने घर,मोहल्ले में गणेश प्रतिमा स्थापित करते हैं।अनन्त चतुदर्शी पर गणेश प्रतिमा का विसर्जन शहर के तालाबों व सरोवरों में किया गया। ज्यादा भक्तों ने संसोलाव तालाब में विसर्जन किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग दरबारी,कोडमदेसर,देवीकुंड सागर सहित अनेक तालाबों में गए।श्रीकोलायत के कपिल सरोवर में भी कई लोगों ने विसर्जन किया।

अनंत भगवान की पूजा,रखा व्रत
वहीं दूसरी ओर घरों में भगवान अनंत का पूजन भी विधि-विधान के साथ किया गया। अनंत चतुर्दशी पर्व पर अनंत भगवान की पूजा-अर्चना करते हुए अनंत-सूत्र बांधे जाने का विधान है,जिसका निर्वाह इस बार भी परम्परागत आस्था के साथ किया गया। इस दौरान 14 वर्षों तक इस व्रत को करने वालों ने उद्यापन कर यज्ञ में मंत्रोचारण के साथ आहुतियां दी। ज्योतिषाचार्यों और पंचांगकर्ताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने वाले लोग नमक का सेवन नहीं करते हैं। वहीं जैन मंदिरों ऐतिहासिक भांडशाह जैन मंदिर और चिंतामणि जैन मंदिर में दिगंबर जैन समाज द्वारा अनंत चतुर्दशी को दशलक्षण पर्व के समापन के रूप में बेहद श्रद्धा से मनाया जाता है,जहां लोग उपवास रखकर चौबीस तीर्थंकरों की विशेष आराधना करते है।