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आधुनिक शल्य चिकित्सा की नवीनतम तकनीकों पर करेंगे मंथन
तहलका न्यूज,बीकानेर।एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया राजस्थान चैप्टर का वार्षिक सम्मेलन आगामी 3 एवं 4 अक्टूबर को रिद्धि सिद्धि रिसॉर्ट्समें आयोजित किया जाएगा।सम्मेलन में राजस्थान एवं आसपास के राज्यों से 500 से अधिक सर्जनों के भाग लेने की संभावना है।सम्मेलन में आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों,न्यूनतम इनवेसिव एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी,रोबोटिक सर्जरी तथा जटिल शल्य रोगों के उपचार से जुड़े नवीनतम विषयों पर देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ अपने विचार एवं अनुभव साझा करेंगे।आयोजन अध्यक्ष डॉ.मोहम्मद सलीम ने बताया कि सम्मेलन में देश के ख्यातनाम राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ फैकल्टी भाग लेंगे,जो विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान देंगे तथा अपने लंबे क्लीनिकल अनुभव और आधुनिक शल्य चिकित्सा तकनीकों से जुड़े अनुभव प्रतिभागियों के साथ साझा करेंगे।आयोजन सचिव डॉ.मनोहर लाल दवां ने बताया कि राजस्थान एवं आसपास के राज्यों से 500 से अधिक सर्जन इस सम्मेलन में शामिल होंगे।सम्मेलन युवा सर्जनों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए भी ज्ञानवर्धन,शोध प्रस्तुत करने तथा देश के वरिष्ठ विशेषज्ञों से संवाद का महत्वपूर्ण मंच होगा।

3 अक्टूबर को होगा भव्य उद्घाटन समारोह
सम्मेलन का उद्घाटन समारोह 3 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा।समारोह में एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ.प्रतापसिंह ए.वरुते मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।वहीं डॉ.अमीलाल भाट विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगे।सम्मेलन के वैज्ञानिक कार्यक्रम में हर्निया सर्जरी,लैप्रोस्कोपिक सर्जरी,रोबोटिक सर्जरी,स्तन कैंसर,हेपेटो-पैंक्रियाटो-बिलियरी सर्जरी,जटिल फिस्टुला,पित्ताशय रोग,ट्रॉमा,डायबिटिक फुट,वैस्कुलर सर्जरी एवं कैंसर सर्जरी सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं पैनल चर्चाएं होंगी।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बियॉड द रिपेयर:हर्निया रोग से संबंधित समस्याओं के लक्षण-निवारण विषय पर पैनल डिस्कशन होगा।इसके अतिरिक्त एप्रोच टू ब्रेस्ट लम्प,डिफिक्लट गाल ब्लेडर के कारण,निवारण तथा मैनेजमेंट ऑफ कॉम्पलेक्स फिस्टूला जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों द्वारा गहन चर्चा की जाएगी।

2 अक्टूबर को होंगे प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप
मुख्य सम्मेलन से एक दिन पूर्व 2 अक्टूबर को विभिन्न विषयों पर प्री कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप आयोजित की जाएंगी।इन कार्यशालाओं का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक एवं आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना है।सम्मेलन के दौरान पेपर प्रजन्टेशन,ई पोस्टर प्रदर्शन एवं पीजी क्यूज जैसी विभिन्न अकादमिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।युवा सर्जनों एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य एवं क्लीनिकल अनुभव प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।वैज्ञानिक कार्यक्रम में डॉ दिनेश जिन्दल अध्यक्षीय भाषण भी आयोजित किए जाएंगे।आयोजन समिति के अनुसार,सम्मेलन का उद्देश्य सर्जिकल क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों एवं उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ वरिष्ठ विशेषज्ञों और युवा सर्जनों के बीच ज्ञान,शोध एवं व्यावहारिक अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।बीकानेर में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन राजस्थान के चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक आयोजन होगा तथा आधुनिक, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शल्य चिकित्सा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।