_1575399781

 

तहलका न्यूज,बीकानेर। भाजपा की ओर से पहली सूची जारी कर दी है। जिसमें कई पुराने पार्षद शामिल है। वहीं कुछ भाजपा के पदाधिकारी व पूर्व पदाधिकारी है। हालांकि अभी तक अधिकृत घोषणा होनी बाकी है।

वार्ड 3 शिव गहलोत
वार्ड 4 हरिओम कड़ेला की पत्नी
वार्ड 6 संदीप गहलोत
वार्ड 8 नृसिंह सेवग या चंपालाल गेदर
वार्ड 9 विनोद धवल
वार्ड 10 संजय विश्नोई या विकास सियाग
वार्ड 12 अनिल शुक्ला
वार्ड 13 प्रमोद सिंह या सुरेन्द्र सिंह
वार्ड 14 सुशीला कंवर राजपुरोहित
वार्ड 16 सरोज
वार्ड 27 संतोष शर्मा
वार्ड 18 मघाराम कस्वां या धर्मेन्द्र चौधरी
वार्ड 19 आशा देवी
वार्डं 20 चित्रा करल या शारदा देवी
वार्ड 21 महेन्द्र सैनी या धनराज नाई
वार्ड 22 प्रतीक स्वामी
वार्ड 24 मुकेश पंवार
वार्ड 26 मोहन सुराणा या रामदयाल पंचारिया
वार्ड 28 मधु सुराणा
वार्ड 29 साहू या नानूराम गोदारा
वार्ड 31 राजेन्द्र पंवार या पुनीत शर्मा
वार्ड 32 भूपेन्द्र शर्मा
वार्ड 34 अनिरूद्ध चौधरी या अशोक भाटी
वार्ड 37 से श्याम सिंह हाडलां
वार्ड 38 अशोक प्रजापत
वार्ड 41 शशि शर्मा या फारूख चौहान
वार्ड 43 मुकेश ओझा
वार्ड 46 शिवकुमार प्रजापत या तिवाड़ी
वार्ड 47 सरिता नाहटा
वार्ड 50 महावीर रांका
वार्ड 52 उम्मेद सिंह राजपुरोहित
वार्ड 53 जफर अली या नाज बानो
वार्ड 58 से गोकुल जोशी
वार्ड 60 किशोर आचार्य या अनिल आचार्य
वार्ड 61 अशोक आचार्य
वार्ड 62 गोपाल आचार्य
वार्ड 63 किशन चौधरी
वार्ड 64 इमरान खान या सोहन सिंह
वार्ड 73 दीपक पारीक या शिवकुमार पांडिया
वार्ड 75 से विशाल गोलछा या महावीर रांका
वार्ड 79 रेखा गहलोत
वार्ड 80 जुगल खडग़ावत

 

कांग्रेस ने बदली टिकट रणनीति, फोन पर मिलेगा टिकट

नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद होने वाली गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल दी है।पार्टी इस बार प्रत्याशियों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं करेगी।कांग्रेस मुख्यालय से सीधे जिलों में चुनाव चिह्न भेजे जाएंगे और जिला स्तर पर ही चयनित उम्मीदवारों को टिकट मिलने की सूचना दी जाएगी।प्रदेश कांग्रेस महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी के मुताबिक,कांग्रेस मुख्यालय से शनिवार से सभी जिलों में सिंबल भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।जिलाध्यक्ष और विधानसभा पर्यवेक्षक को सिंबल वितरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।दोनों पदाधिकारी संभावित प्रत्याशियों के सीधे संपर्क में रहेंगे और चयनित उम्मीदवारों को फोन के माध्यम से टिकट मिलने की जानकारी देंगे।दरअसल,कई निकायों में एक-एक पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदारों ने आवेदन किया है।पार्टी को आशंका है कि समय से पहले प्रत्याशियों के नाम घोषित करने पर टिकट से वंचित नेता बगावत कर सकते हैं।इसी खतरे को कम करने के लिए प्रत्याशियों के नाम अंतिम समय तक गोपनीय रखने की रणनीति बनाई गई है।जिन सीटों पर कांग्रेस के पास केवल एक दावेदार है,वहां टिकट की स्थिति लगभग स्पष्ट रहेगी।कई दावेदारों वाली सीटों पर आखिरी समय तक सस्पेंस बना रह सकता है।पार्टी के सामने जिताऊ उम्मीदवार चुनने के साथ टिकट नहीं मिलने वाले नेताओं को साधने की भी चुनौती है।कुछ दावेदार सिंबल नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना सकते हैं।कांग्रेस सिंबल को नामांकन के अंतिम दौर में रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा कराने की तैयारी कर रही है।इससे अंतिम समय तक प्रत्याशी चयन और टिकट वितरण पर पार्टी का नियंत्रण बना रहेगा।अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह ‘सीक्रेट टिकट फॉर्मूला’ गुटबाजी और बगावत रोकने में कितना सफल होता है।