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तहलका न्यूज,बीकानेर। पिछले कुछ दिनों से देश भर के बैंकों से जुड़ी खबर आप भी सोशल मीडिया पर देख रहे होंगे।पूरे देश में बैंकों की हड़ताल होने वाली है।इसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। बैंक की ओर से व्हाट्सऐप ग्रुप पर ग्राहकों को मैसेज भेजे जा रहे है।लोग चिंता जता रहे हैं कि बैंक बंद रहेगे तो काम कैसे चलेगा। बैंकों की ये मेगा हड़ताल 28 से 30 सितंबर तक यानी 3 दिन के लिए होगी और इस दौरान देश भर के बैंक बंद रहेंगे। इसका सीधा असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा।कैश जमा करने,निकालने,चेक और बैंक की दूसरी सेवाएं बंद रहेंगी।देश भर के बैंक कर्मचारी हड़ताल के जरिए अपनी परेशानियां बताना चाहते हैं। बैंक के कर्मचारियों पर काम का कितना प्रेशर है।उनका वर्कलोड किस तरह बढ़ रहा है। मैन पावर की कमी से बैंक जूझ रहे है।जिस से काम का एक्स्ट्रा दबाव बन जाता है।इसके अलावा भी बैंक कर्मचारियों की कई समस्याएं हैं,जिसके लिए वो हड़ताल कर रहे हैं।बैंक कर्मचारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने इस हड़ताल को बुलाया है। बैंक कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग के बारे में बताते हैं।बैंक कर्मचारियों का कहना है कि बैंकों में हफ्ते में सिर्फ पांच दिन काम हो और हर शनिवार छुट्टी रहे।

ये है प्रमुख मांगे
बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि हफ्ते में सिर्फ पांच दिन बैंक खोलने की व्यवस्था लागू की जाए।
अभी बैंक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, लेकिन बाकी शनिवार को काम होता है।
यूनियनें चाहती हैं कि सभी शनिवार को छुट्टी हो और सोमवार से शुक्रवार तक बैंक काम करें।
दूसरी बड़ी मांग पीएलआई योजना को वापस लेने की है।
सरकार ने फिलहाल इस योजना को स्थगित कर दिया है।
नए बैंक कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम की जगह पुरानी पेशन योजना लागू करने की मांग भी की गई है।

11 सितम्बर को भी की थी हड़ताल
इसके अलावा पेंशन अपडेट करना,पेंशन पर यूनिफॉर्म डीए,पेंशनर्स के लिए मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम में राहत जैसी कई और मांगें भी हैं,जिनपर बैंक यूनियन सरकार से ऐक्शन की डिमांड कर रही है।इससे पहले 11 सितंबर को भी बैंक कर्मियों ने इन्हीं मांगों को लेकर 11 सितंबर को 1 दिन की हड़ताल की थी। सरकार से बातचीत भी हुई लेकिन कोई नतीजा नहीं निकलने की वजह से अब से 3 दिन की हड़ताल की जा रही है।बैंक कर्मचारियों की जितनी भी मांगे हैं उनमें से सबसे बड़ी मांग जिसपर वो टस से मस होने को तैयार नहीं है वो है 5 डे वर्किंग। बैंक कर्मचारियों के मुताबिक उनपर काम का बहुत ज़्यादा बोझ है जिसके चलते वो ये डिमांड पिछले 10 साल से कर रहे है।

बीमा कर्मचारियों ने किया बैकों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन
बीमा कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन आल इंडिया इंश्योरेंस एंप्लाइज एसोसिएशन ने 28 सितम्बर से 30 सितम्बर को प्रस्तावित बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की तीन दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है।आल इंडिया इंश्योरेंस एंप्लाइज एसोसिएशन के बीकानेर मंडल के मंडल सचिव कॉम शौकत अली ने बताया कि हमारे संगठन का यह स्पष्ट मानना है कि बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की जायज मांगों को पूरा करने में होने वाली असाधारण देरी के कारण बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। बैंक कर्मियों की प्रमुख मांगों में पांच दिन का सप्ताह लागू करना एवं हाल ही में लायी गई भेदभाव पूर्ण पी एल आई स्कीम को वापस लेना शामिल है। इसके साथ ही रविवार को सार्वजनिक अवकाश होने के बावजूद जबरन कार्यालय खुले रखने के लिए बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों को बाध्य करना उनके संवैधानिक अधिकारों का खुल्लमखुला हनन है।बीकानेर के मंडल अध्यक्ष कॉम राकेश जोशी ने बताया कि कर्मचारियों एवं अधिकारियों के जायज मांगों एवं आपसी संवाद की बजाय एकतरफा निर्णय थोपने की बढ़ती प्रवृत्ति के खिलाफ समस्त सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है प्रबंधन को द्विपक्षीय सहमति के आधार पर मुद्दों को सुलझाने की सुस्थापित व्यवस्था को भंग नहीं करना चाहिए। हमारे संगठन का दृढ़ मत है कि रचनात्मक संवाद एवं श्रम संगठनों के अधिकारों का सम्मान औद्योगिक संबंधों के लिए अत्यंत आवश्यक है।