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तहलका न्यूज,बीकानेर।मतदान के बाद जीत हार के कयासों का दौर शुरू हो गया है।लोग इस बात का अनुमान लगाते रहे कि कौन जीतेगा,कौन हारेगा,किस क्षेत्र से किसको बढ़त मिल सकती है।कुल मिलाकर मतगणना के बाद किसके सिर ताज बंधेगा और कौन मायूस होगा।आपस में बैठकर लोग जीत हार की गणित लगाने में जुटे दिखाई दे रहे हैं।हर क्षेत्र के हर गली, नुक्कड़ और चाय की थडिय़ों पर अपने आप को राजनीति के चाणक्य मानने वाले लोग आमजन के साथ अपनी अपनी ओर से प्रत्याशियों के हार जीत के आंकड़े बिठाने में चाय की चुस्कियां के साथ व्यस्त रहे।
चौक,मोहल्लों में जीत-हार की समीक्षा
शांतिपूर्ण मतदान संपन्न होने के बाद प्रत्याशियों की जीत-हार की समीक्षा नगर के चौक-चौराहे से लेकर गलियों व मोहल्लों में होने लगी है। अपने-अपने राजनीतिक दलों के समर्थक अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।सभी प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है,जो 14 सितम्बर को खुलेगी।चाय-पान की दुकानों,हाट बाजारों,कचहरी परिसर,गलियों और पाटों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत का दावा ठोंक रहे हैं। वही जीत के लिए कई प्रकार के अंक-गणित भी बताए जा रहे हैं।हालांकि मतदाताओं की चुप्पी ने राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ा दी है। मतदान के साथ ही जीत व हार का मंथन का दौर जारी है।
सोशल मीडिया पर बढ़त के दावे
सोशल मीडिया पर भाजपा और कांग्रेस के समर्थक अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।मतदान के दूसरे दिन कांग्रेस ही सब पर बढ़त बनाए हुए है।भाजपा समर्थकों में भी उत्साह की कमी नहीं है।मतदान होने से पूर्व दोनों पार्टियों के समर्थक सोशल मीडिया पर काफी मुखर रहे हैं।मतदान होने के साथ ही जीत व हार का मंथन का दौर शुरू हो गया है।समर्थकों में आपस में तकरार बढ़ रही है।बातों-बातों में लोगों के सुर तेज होते जा रहे हैं।राजनीतिक लोग चारों ओर मतगणना के पूर्व ही अपने राजनीति गणित के आधार पर जीत-हार का फैसला करते हुए एक-दूसरों के साथ चर्चाओं में मशगूल हैं।अभी मतगणना तक सब यूं ही चलने वाला है,बस आपस की तल्खियां न बढ़ाएं,ऐसी बुजुर्ग सभी को सलाह दे रहे हैं।
जाति-बिरादरी और संबंधों को भी बता रहे आधार
चुनाव में भी जाति-बिरादरी का समीकरण हावी होने लगा है।इसी के कारण प्रचार के दौरान प्रत्याशियों ने अपनी जाति-बिरादरी के वोट बैंक को बंटने से रोकने के लिए सभी जतन किए।संबंधों और नाते-रिश्तेदारी का भी हवाला दिया। अब मतदान के बाद कोई प्रत्याशी जाति के हिसाब से गणित लगाता तो कोई संबंधों पर वोट मिलने की बात कह रहा है।चर्चा के बीच कई बार बहस की नौबत भी आती है। वहीं कुछ लोग बिना बहस के अपनी बात समझा रहे हैं।
कांग्रेस को बढ़त के आसार,भाजपा की घट सकती है सीटें
सट्टा बाजार व आमजन में हो रही चर्चाओं में निश्चित तौर पर कांग्रेस को पिछले चुनाव के मुकाबले बढ़त व भाजपा को नुकसान के आसार नजर आ रहे है।जहां कांग्रेस को 38 से 42 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।वहीं भाजपा 25 से 27 सीटों में सिमटने की बातें हो रही है। लोगों का मानना है कि इस बार निर्दलियों की संख्या बढ़ सकती है। वे 8 से 15 तक जीत सकते है। इतना ही नहीं रालोपा भी खाता खोल सकती है।वहीं भाजपा के नामी चेहरे चुनाव हारने का भी आकलन सामने आ रहा है।इसमें लोग खुलकर कई बड़े नाम भी ले रहे है।
पूर्व व पश्चिम में कांग्रेस का रहेगा दबदबा
आकलन में सामने आया है कि जिले में भगवा फहराने वाली पार्टी के पूर्व व पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों की बात करें तो यहां भी कांग्रेस पिछले चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करती दिख रही है।बीकानेर पूर्व के 41 वार्डों में कांग्रेस को 20,भाजपा को 17 सीटें मिलती नजर आ रही है। तो तीन निर्दलीय भी बाजी मार सकते है। वहीं बीकानेर पश्चिम की 39 सीटों की बात करें तो यहां 22 सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती है और 10 सीटों पर भाजपा का भगवा फहर सकता है। यहां से 8 निर्दलीय दोनों ही पार्टियों पर भारी पड़ सकते है। इतना ही नहीं रालोपा भी दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में कही न कही खाता खोल सकती है।