तहलका न्यूज,बीकानेर।अब घर की मरम्मत,निर्माण कार्य या अन्य काम के लिए मिस्त्री और कारीगर ढूंढना आसान हो जाएगा।श्रम विभाग ने आम लोगों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सीधे जोडऩे के लिए’श्रम सेतु’ और’लेबर चौक’ नाम से दो नए मोबाइल ऐप लॉन्च किए हैं।इन ऐप्स के जरिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार नजदीकी कारीगरों से सीधे संपर्क कर सकेंगे।वहीं श्रमिकों को भी बिना बिचौलियों के सीधे काम मिलने का रास्ता खुलेगा।

नहीं पड़ेगा भटकना
अब लोगों को राजमिस्त्री,प्लंबर,इलेक्ट्रिशियन,पेंटर,टाइल्स लगाने वाले,बढ़ई और अन्य कुशल श्रमिकों की तलाश में इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी।मोबाइल ऐप के जरिए वे अपने आसपास उपलब्ध कारीगरों की जानकारी देख सकेंगे और उनसे सीधे बात कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और काम भी जल्दी शुरू हो सकेगा।

श्रमिकों को मिलेगा सीधा रोजगार
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले हजारों श्रमिक रोज काम की तलाश में लेबर चौक या चौराहों पर खड़े रहते हैं।कई बार पूरे दिन इंतजार करने के बाद भी उन्हें काम नहीं मिलता।नई व्यवस्था में श्रमिक अपने मोबाइल के जरिए काम के लिए उपलब्ध रहेंगे।जरूरत पडऩे पर लोग सीधे उन्हें काम के लिए बुला सकेंगे। इससे उन्हें नियमित रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म
अब ठेकेदार और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।श्रमिक और काम कराने वाला व्यक्ति सीधे एक-दूसरे से संपर्क करेंगे।इससे श्रमिकों को उनकी मेहनत की पूरी मजदूरी मिलने की संभावना बढ़ेगी।वहीं लोगों को भी उचित दर पर पारदर्शी सेवा मिल सकेगी।

दोनों पक्षों को होगा फायदा
यह पहल श्रमिकों और आम लोगों दोनों के लिए लाभदायक मानी जा रही है।एक ओर श्रमिकों को अधिक रोजगार मिलेगा,तो दूसरी ओर लोगों को भरोसेमंद और कुशल कारीगर आसानी से उपलब्ध होंगे।छोटे-मोटे मरम्मत कार्यों से लेकर निर्माण कार्य तक के लिए अब कारीगर ढूढना पहले से आसान हो जाएगा।

जिले को भी मिलेगा लाभ
जिले में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य से जुड़े मजदूर और कुशल मिस्त्री काम करते हैं।कई बार लोगों को सही कारीगर नहीं मिल पाता,जबकि दूसरी ओर कई श्रमिक काम के इंतजार में रहते हैं।श्रम विभाग की इस डिजिटल पहल से जिले के हजारों श्रमिकों को सीधे काम मिलने में मदद मिलेगी।साथ ही जिले के लोग भी एक क्लिक पर अपने घर या निर्माण स्थल के लिए कुशल मिस्त्री बुला सकेंगे।