तहलका न्यूज,बीकानेर।कचरा संग्रहण को लेकर ठेका कंपनी के अडियल रवैये से नाराज भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों का आज गुस्सा फूट गया।लेकिन इस विरोध को लेकर रंग अलग अलग देखने को मिले।दोनों ही दलों ने शहर के हित के लिये एक मंच पर आते हुए निगम के आयुक्त के सामने जमकर आक्रोश जताया।तो दोपहर बाद भाजपा का एक गुट अलग से विधायक की अगुवाई में आयुक्त से मिला। तो वहीं भाजपा पार्षद ने अपने कपड़े फाड़े और जमीन पर सिर फोड़ा।इधर कांग्रेसी पार्षद भी आपस में भिड़ गये।इन सारा घटनाक्रमों के विडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुए।पार्षदों का कहना था कि वार्डों में ऑटो टिपर नहीं पहुंचने के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।जिन लोगों ने उन्हें चुना है,अब वे उन्हें कचरा संग्रहण के लिये कह रहे है।जबकि ठेका कंपनी वार्डों से कचरा संग्रहण न कर हठधर्मिता दिखा रही है। ऐसे में सुबह से ही विरोध उत्पन्न हो गया।दोनों ही दलों के पार्षदों के साथ निर्दलीय पार्षद पहले जिला कलक्टर कार्यालय के सामने एकत्रित हुए।उसके बाद निगम आयुक्त के कमरे में पहुंचे।इस दौरान सभी ने एक राय होकर हर वार्ड में सफाई व्यवस्था सुचारू करने तथा हर वार्ड में ऑटो टिपर चालू करने की मांग की।वार्ता के दौरान गर्मागर्मी का माहौल भी हो गया।बाद भी सभी पार्षदों की आयुक्त,उपायुक्त व ठेका कंपनी प्रतिनिधि के साथ वार्ता हुई।वार्ता के दौरान भाजपा पार्षद श्याम सिंह हाडलां ने अपने कपड़े फाडते हुए आयुक्त से जबाब मांगा आखिर क्यों नहीं पहुंच रहे टिपर।
कचरा उठाने वाले वाहनों को रोका
नगर निगम में चुनाव खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ गया है।इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।मंगलवार सुबह कांग्रेस पार्षदों ने बल्लभगार्डन के पास कचरा संग्रहण केंद्र से निकलने वाले कचरा उठाने वाले वाहनों को रोक दियाकांग्रेस पार्षद सुबह बल्लभगार्डन के पास स्थित कचरा संग्रहण केंद्र पहुंचे।यहां से कचरा उठाने के लिए वाहन निकलते हैं।पार्षदों ने सभी वाहनों को मौके पर ही रोक दिया।बाद में इन सभी वाहनों को लेकर पार्षद कलेक्टरी पहुंच गए।जहां विरोध प्रदर्शन किया गया।कलेक्टर कार्यालय के ठीक बाहर सत्तर से ज्यादा कचरा वाहन खड़े कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया।उप महापौर पंकज गहलोत और भाजपा पार्षद भगवान सिंह मेड़तिया भी मौके पर पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों को समझाने का प्रयास किया। गहलोत ने कहा कि पहले पूरे शहर की सफाई करवाते हैं,इसके बाद कमिश्नर,जमादार और निजी फर्म के साथ मीटिंग करेंगे।इस आश्वासन के बाद कांग्रेस पार्षदों ने वाहनों को छोड़ दिया,जो शहर से कचरा उठाने के लिए रवाना हो गए।कांग्रेस पार्षदों का कहा है कि पिछले दिनों जितने वाहनों को मंजूरी दी गई थी,उतने वाहन मौके पर नहीं हैं।विरोध प्रदर्शन में पार्षद जावेद पडि़हार,नवरतन डागा,राहुल जादुसंगत,नंदलाल जावा,पवन कुमार,सुभाष स्वामी और पूर्व पार्षद आदर्श शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।पार्षदों का आरोप है कि कुछ चुनिंदा मोहल्लों में सफाई के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं,जबकि शहर का अधिकांश हिस्सा कचरे से अटा पड़ा है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा उठाने वाले वाहनों को बुलाने में जुटे हैं। दोनों दलों के बीच विवाद के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
क्या है विवाद?
2 अक्टूबर से एक निजी फर्म को शहरभर में कचरा उठाने का काम दिया गया है।फर्म को 200 वाहनों के साथ काम करना था,लेकिन अब तक वह करीब 70 वाहन ही उपलब्ध करा सकी है।इसी को लेकर नगर निगम मेयर अनिल कल्ला ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि फर्म टेंडर की महज 20 फीसदी शर्तें ही पूरी कर रही है,जबकि 80 फीसदी शर्तें अधूरी हैं।उनका कहना है कि ऐसे में नगर निगम क्षेत्र में फिर से टेंडर होना चाहिए।इसके विपरीत भाजपा पार्षद और उप महापौर पंकज गहलोत का कहना है कि सफाई का काम शुरू होना चाहिए।
कचरा नहीं उठाने पर निगम कमिश्नर को सुनाई खरी-खोटी
नगर निगम में मंगलवार को कमिश्नर सिद्धार्थ पलानीचामी के सामने भाजपा पार्षद श्याम सिंह हाडला ने सिर जमीन पर मार दिया और कपड़े फाड दिए। बिगड़ी सफाई व्यवस्था और कचरा नहीं उठाने से नाराज पार्षद ने कमिश्नर को खरी-खोटी सुनाई। हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने बीच बचाव किया।जानकारी के अनुसार कि नगर निगम की हूपर घरों से कचरा नहीं उठा रही है।ड्राइवरों को फोन करने पर वो बात नहीं क रते। इसके कारण पार्षदों को लोगों की खरी-खोटी सुननी पड़ती है। इसी बात से परेशान होकर वार्ड 37 से पार्षद श्याम सिंह हाडला दोपहर 1 बजे कमिश्नर के पास पहुंचे।चेंबर में कमिश्नर और पार्षद में बीच बातचीत हुई,लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो श्याम सिंह गुस्सा हो गए। अचानक बैठकर उन्होंने अपना सिर जमीन पर दे मारा। इसके बाद वहां मौजूद सीआई प्रदीप चारण ने श्याम सिंह को उठाया और कमिश्नर के चेंबर से बाहर ले गए। इससे पहले नगर निगम के हॉल में भी कमिश्नर और हाडला आमने-सामने आ गए थे। यहां भी गुस्साए श्याम सिंह ने अपनी शर्ट फाड़ ली थी।
पुराने टेंडर को खत्म कर दिया,नया भी ढंग का नहीं
श्याम सिंह हाडला ने कहा कि पुराने टेंडर को खत्म कर दिया,नया भी ढंग से नहीं किया।अधिकारियों की लापरवाही से अब तक मोहल्ले में कचरे वाली गाड़ी नहीं आ रही है। कुछ अधिकारी इस टेंडर में लिप्त है। इसलिए गुस्सा आ गया। लोग पार्षदों पर नाराज हो रहे हैं,ऐसे में अधिकारियों के सामने सिर फोडऩे का ही विकल्प है।मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं।
धड़ों में बंटे आएं पार्षद
उधर भाजपा के पार्षद दो धड़ों में बंटे नजर आएं। एक धड़ा जहां सुबह कांग्रेस व निर्दलीय पार्षदों के साथ नजर आएं।वहीं कुछ पार्षद दोपहर बाद विधायक के साथ आयुक्त से मिलने महापौर प्रत्याशी सहित कुछ भाजपा पार्षद पहुंचे। हालांकि उनका भी मुद्दा इसी बात को लेकर था। लेकिन जब अधिकांश पार्षद सुबह सफाई व्यवस्था सुचारू करने की बात को लेकर एक मंच पर नजर आएं तो ऐसे में कुछ पार्षदों का अलग से आयुक्त से मिलना चर्चा का विषय बना रहा।
कांग्रेस के पार्षद आपस में भिड़े
निगम सभागार में आयुक्त व उपायुक्त के साथ बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद मनोज विश्नोई व सुभाष स्वामी में आपसी कहासुनी हो गई और बात धक्का मुक्की पर जा पहुुंची ऐसे में मौके पर मौजूद भाजपा-कांग्रेस के पार्षदों ने दोनों को अलग अलग कर समझाइश की।
