जारी किया ‘शहरी संकल्प पत्र; किए ये वादें
तहलका न्यूज,बीकानेर।नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस ने अब लड़ाई को सिर्फ प्रत्याशियों और वार्डों तक सीमित रखने के बजाय भाजपा सरकार के कामकाज बनाम कांग्रेस के शहरी रोडमैप का मुद्दा बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला व शहर अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल ने प्रेस वार्ता ने चुनाव में देरी,परिसीमन,आरक्षण,सफाई,भ्रष्टाचार और नामांकन प्रक्रिया को लेकर सरकार पर निशाना साधा।साथ ही बोर्ड बनने पर शहरी जनता से जुड़े मुद्दों पर कई वादे किए।कल्ला ने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आई तो पिछली कांग्रेस सरकार की 500 रुपए में मकान का पट्टा देने की व्यवस्था फिर शुरू की जाएगी।पार्टी ने हर निकाय में सफाईकर्मियों की भर्ती,मुफ्त घर-घर कचरा संग्रहण और ऑनलाइन पारदर्शी व्यवस्था को भी चुनावी एजेंडे में शामिल किया है।
नहीं हुई टिकट चोरी
मेघवाल ने पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा के टिकट चोरी के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि किसी प्रकार की टिकट चोरी नहीं की गई है।प्रदेश नेतृत्व ने जो सिंबल जिनके नाम से भेजे वो ही पार्टी के द्वारा निर्वाचन अधिकारी को जमा करवाएं गये है।उन्होंने अरोड़ा द्वारा केन्द्रीय मंत्री के साथ मिलकर टिकट वितरण के आरोपों को भी नकार दिया।मेघवाल ने कहा कि इसकी शिकायत पीसीसी को कर दी गई है।जो जांच का विषय है।जिस प्रकार की जांच रिपोर्ट आएगी। उसके बाद संशय दूर हो जाएगा।
संगठन के पदाधिकारियों के चुनाव लडऩे पर भेजी रिपोर्ट
जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी या पूर्व पार्षद अधिकृत प्रत्याशियों के सामने चुनाव लड़ रहे है।उनकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है।पार्टी की अनुशासन समिति इसका निर्णय लेगी।कल्ला ने कहा कि कांग्रेस से ज्यादा बागी तो भाजपा के चुनाव लड़ रहे है। ऐसे में भाजपा को अपना घर संभालने की आवश्यकता है।कांग्रेस के पारिवारिक मामले में हस्तक्षेप की जरूरत नहीं।
कांग्रेस के प्रमुख वादे
500 रुपए में पट्टा: अभियान चलाकर मकान के पट्टे बांटे जाएंगे और कच्ची बस्तियों के नियमन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
यूडी टैक्स: समीक्षा कर इसे जनहित में तर्कसंगत बनाया जाएगा।
सफाईकर्मी भतीर्: लंबित भर्ती पूरी कर हर साल निकायों की जरूरत के अनुसार भर्ती।
मुफ्त कचरा संग्रहण: घर-घर कचरा संग्रहण नि:शुल्क और रोजाना निगरानी।
सीवरेज-ड्रेनेज: जरूरत वाले इलाकों में नई सीवरेज लाइन, जल निकासी व्यवस्था और एसटीपी बनाएंगे।
मास्टर प्लान: जिन शहरों में मास्टर प्लान नहीं, वहां जनता के सुझाव से तैयार करेंगे।
स्ट्रीट लाइट: स्ट्रीट लाइट और एलईडी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
ऑनलाइन पारदर्शिता: निकायों के विकास कार्य, प्रगति, आमजन के आवेदनों की स्थिति वेबसाइट पर।
शहरी ढांचा: शहरों में जरूरत के मुताबिक मूलभूत ढांचे के बड़े कार्य प्राथमिकता से कराए जाएंगे।
