तहलका न्यूज,बीकानेर।बीकानेर सहित प्रदेश में करीब दो साल बाद होने जा रहे निकाय चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग को आखिर क्या जल्दबाजी है कि मतदाता को अपनी शहरी सरकार चुनने में उदासीनता भी हो सकती है।इसी बड़ी वजह प्रदेशभर में मेले व धार्मिक त्योहार का होना है। बता दें कि निर्वाचन आयोग ने नामांकन की तारीख 27 अगस्त रखी है।जो 31 अगस्त तक रहेगी।इस दौरान 28 अगस्त को रक्षाबंधन तो 31 अगस्त को महिलाओं का तीज का त्योहार है।वहीं रामदेवरा पैदल जाने वाले यात्रियों की रवानगी 7 या 8 सितम्बर से हो जाएगी। ऐसे में शहरी क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में पैदल जातरू रामदेवरा रवानगी लेंगे।आयोग के अनुसार प्रथम चरण में भीलवाड़ा,भरतपुर, अलवर,पाली नगर निगम में 9 सितम्बर को चुनाव होंगे।वहीं जयपुर,अजमेर,बीकानेर,जोधपुर,कोटा व उदयपुर में 11 सितम्बर को वोट डाले जाएंगे।11 को अमावस्या वाले दिन भी पैदल जत्थे रवानगी लेते है।ऐसे में प्रदेशभर में इसका असर देखने को मिलेगा।इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में सरकार पर भी लोग सवाल उठा रहे है।
