तहलका न्यूज,बीकानेर।पीबीएम अस्पताल में ठेके पर कार्यरत एक महिला अटेंडेंट ने वेतन नहीं मिलने पर मंगलवार रात को नींद की गोलियां खा ली। उसे भर्ती कर लिया गया है।महिला की हालत ठीक बताई जा रही है।तिलक नगर निवासी जमना देवी कई सालों से पीबीएम अस्पताल में अटेंडेंट (बाईजी) के रूप में कार्यरत है।दरअसल पीबीएम में अटेंडेंट और सुरक्षा का ठेका मैसर्स पन्नाधाय सिक्युरिटीज के पास है।फर्म को ठेका मिलने के बाद से ही वेतन को लेकर श्रमिक परेशान हैं।कई बार अधीक्षक से वेतन की मांग कर चुके हैं,लेकिन ठेकेदार को राजनीतिक वरदहस्त प्राप्त होने से कोई सुनवाई नहीं हो रही।मुख्यमंत्री के दौरे से पहले इस तरह की घटना से मामला गंभीर हो गया है।अधीक्षक डॉ.बीसी घीया ने बताया कि श्रमिकों को वेतन नहीं देने पर फर्म को नोटिस जारी किया गया है। उस पर पेनल्टी लगाई जाएगी।उधर,समाज सेवी शिवरतन मारू ने बताया कि श्रमिकों को बार-बार निकाल देने की धमकी दी जा रही है,जिससे गरीब श्रमिक तनाव में हैं।श्रमिकों के शोषण की जानकारी मुख्यमंत्री को दी जाएगी।

पहले भी किया था प्रदर्शन
बताया जा रहा है कि कुछ माह पहले भी पीबीएम में वेतन को लेकर लंबा प्रदर्शन हुआ था।जिसके बाद कंपनी के अधिकारियों और ठेकेदार प्रतिनिधियों की पीबीएम प्रशासन के बीच हुई वार्ता में नियमित रूप से वेतन देने की बात पर समझौता हुआ था।तब कार्मिक काम पर लौटे थे। लेकिन फिर वहीं ढर्रा शुरू हो गया है।जिसके चलते पिछले पांच से छ:माह का वेतन पन्नाधाय कंपनी की ओर से कार्मिकों को नहीं दिया जा रहा है।इसमें अटेंडेंट व सुरक्षाकर्मी शामिल है। हालात यह है कि जब इसकी शिकायत या प्रदर्शन कर अपने वेतन की गुहार लगाते है तो उन्हें कंपनी से निकाल देने की धमकियां दी जाती है। उधर कंपनी के प्रतिनिधि का कहना है कि पीबीएम प्रशासन की ओर से उनका बिल पास नहीं किया जा रहा है।जिसके चलते वे नियमित वेतन नहीं दे पा रहे है।