तहलका न्यूज,बीकानेर।पीबीएम अस्पताल ठेका कर्मचारी संघ के आह्वान पर आज ठेका कर्मचारियों ने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर अस्पताल अधीक्षक डॉ.बी.सी.घीया का घेराव कर ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन के माध्यम से ठेका कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान,बकाया वेतन,परिचय पत्र,पीएफ-ईएसआई कार्ड,महिला सुरक्षा एवं संगठनात्मक अधिकारों सहित विभिन्न मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग रखी गई।भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष गौरीशंकर व्यास ने कहा कि अस्पताल की सफाई व्यवस्था,वार्ड व्यवस्था,मरीजों की सेवा,सुरक्षा,परिवहन,कंप्यूटर ऑपरेटरों द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण,डाटा एंट्री,रिपोर्टिंग,बिलिंग तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में ठेका कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।ठेका कर्मचारी अस्पताल व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं,इसलिए उनके हितों और समस्याओं पर अस्पताल प्रशासन को विशेष ध्यान देना चाहिए।उन्होंने कहा कि अनेक कर्मचारियों का दो से तीन माह तक वेतन बकाया रहना अत्यंत गंभीर विषय है।ठेकेदार को पाबंद किया जाए कि प्रत्येक माह निर्धारित तिथि तक सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन जमा हो।वेतन भुगतान में देरी करने वाली ठेका फर्म की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।पीबीएम ठेका कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री राकेश नवल ने कहा कि संघ द्वारा समय पर वेतन भुगतान की समस्या से पूर्व में भी कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया,लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ।वेतन में देरी से कर्मचारियों के परिवारों को घर खर्च,बच्चों की पढ़ाई,इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों में परेशानी होती है।उन्होंने वेतन भुगतान की नियमित निगरानी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की।संघ के अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि सभी ठेका कर्मचारियों को शीघ्र परिचय पत्र दिए जाएं। प्रत्येक पात्र कर्मचारी का पीएफ एवं ईएसआई पंजीयन कर कार्ड उपलब्ध कराया जाए तथा कर्मचारियों को वेतन पर्ची भी दी जाए।उन्होंने उपस्थिति,वेतन, कटौती,पीएफ एवं ईएसआई की स्पष्ट एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।व्यास ने कहा कि प्रत्येक ठेका कर्मचारी को अपनी पसंद के श्रमिक संगठन से जुडऩे, सदस्यता लेने तथा वैधानिक संगठनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार है।किसी कर्मचारी को संगठन से जुडऩे से रोकना,दबाव बनाना अथवा प्रताडि़त करना श्रम कानूनों के विरुद्ध है और औद्योगिक विवाद अधिनियम की धारा 25-टी एवं 25-यू में वर्णित अनुचित श्रम व्यवहार के दायरे में आ सकता है।उन्होंने ठेका कर्मचारियों के संगठनात्मक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।महिला प्रतिनिधि मधु शेखावत ने कहा कि पीबीएम अस्पताल के प्रत्येक विभाग में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा एवं उत्पीडऩ संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए नियमानुसार आंतरिक शिकायत समिति गठित की जाए।समिति में महिला प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा महिला कर्मचारियों को शिकायत प्रक्रिया एवं संबंधित अधिकारियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।महिला ठेका कर्मचारियों को सुरक्षित,सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्यस्थल देना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि ठेका कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण हेतु कार्मिक शाखा/कार्मिक प्रकोष्ठ विशेष निगरानी रखे।यदि कार्मिक शाखा पहले से कार्यरत है तो उसे ठेका कर्मचारियों के वेतन,उपस्थिति,पीएफ,ईएसआई,अवकाश एवं शिकायतों पर नियमित समीक्षा और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं।संघ ने चेतावनी दी कि यदि बकाया वेतन,समय पर वेतन भुगतान,परिचय पत्र,पीएफ-ईएसआई कार्ड एवं अन्य मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारियों के हित में आगे की लोकतांत्रिक कार्रवाई की जाएगी।इस अवसर पर भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री नवीन स्वामी,कार्यालय मंत्री महावीर,पीबीएम अस्पताल ठेका कर्मचारी संघ के जिला महामंत्री राकेश नवल,अध्यक्ष अशोक तंवर,नरेंद्र पुरोहित,मधु शेखावत सहित संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ठेका कर्मचारी उपस्थित रहे।