तहलका न्यूज,बीकानेर। राजस्थान बीज निगम से जुड़े करीब ढाई करोड़ रुपए की कथित घूसखोरी के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को छह आरोपियों को एक बार फिर कोर्ट में पेश किया।पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने के बाद एसीबी ने कोर्ट से आगे पूछताछ के लिए दो दिन का ओर समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने दो दिन की रिमांड बढ़ा दी है। अब रविवार को उन्हें फिर से पेश किया है। सूत्रों के अनुसार एसीबी अब इस पूरे मामले में कथित उगाही तंत्र,नकली बीज कारोबार और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन की कडिय़ों को खंगालने में जुटी है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कथित वसूली गई राशि का प्रवाह किन माध्यमों से हुआ। वैसे प्रथम रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मुख्य आरोपी और बीज निगम के पूर्व निदेशक जुगल किशोर ने कबूला कि वह सीज संबंधी कार्रवाई में अफसरों के साथ रहता था। बाद में भांजे स्वतंत्र और सुनील के जरिए मामले को दबाने के लिए फर्म मालिक से पैसे लेता था।हालांकि इससे पहले उसने किसी भी आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया था। बाद में एसीबी ने फोन सर्विलांस दिखाकर ‘प्रेशर डाला तो उसने सब कबूल लिया।एसीबी ने जुगल किशोर,दलाल सुनील सेतिया व बीज कंपनी के मालिक किरण कपाडिय़ा से पहले अलग- अलग पूछताछ की। फिर उन्हें आमने-सामने बैठाया।सुनील सेतिया का कहना था कि संसार चंद्र रोड स्थित सीटी सेंटर में सेतिया इंटरप्राइजेज है।एसीबी ने स्वतंत्र से दो मोबाइल जब्त किए हैं। हालांकि उसने पासवर्ड बताने से इंकार कर दिया।एसीबी ने स्वतंत्र को पकड़ा तो मोबाइल पर जुगल किशोर,सुनीता व एफसीओ विजय से वीडियो क ॉल आते रहे। एएसपी की पूछताछ के दौरान विधायक पब्बाराम के पीए गणपत से पूछा गया कि 60 लाख कि से दिए? तो वह रोने लगा।
हनुमानगढ़ के अधिकारी सुरजीत ने लिए थे 20 लाख…
जांच में आया कि कृषि विभाग,हनुमानगढ़ के अधिकारी सुरजीत ने 20 लाख रुपए लिए थे।यह खुलासा जुगल किशोर और भांजे स्वतंत्र से 6 जून को हुई बातचीत में हुआ है।
सतीश कुमार कृषि विभाग में जॉइंट डायरेक्टर…
एसीबी की ओर से सर्विलांस पर लिए गए मोबाइल नंबरों में सतीश कुमार का जिक्र है।सतीश कुमार,बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर से मोबाइल पर बात कर रहा है और कह रहा है कि “मैं मंडे तक उनको बुलाता हूं।” यह सतीश कुमार कृषि विभाग में बीकानेर जोन में ज्वाइंट डायरेक्टर है।
छह आरोपी पुलिस रिमांड पर,लगातार पूछताछ जारी
मामले में राजस्थान बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें स्वतंत्र ज्याणी,किरण भाई कपाडिय़ा, गणपत,सतपाल सिंह जाज और सुनील कुमार सेतिया भी शामिल हैं। सभी को कोर्ट में पेश कर पहले पांच दिन की पुलिस रिमांड ली गई थी,जो अब समाप्त हो चुकी थी,जिसके बाद कोर्ट ने दो दिन की और रिमांड मंजूर कर दी है।
साधारण शुरुआत से डायरेक्टर बनने का सफर
जुगल किशोर विश्नोई की पृष्ठभूमि बेहद सामान्य रही है।साल 2007 में वह श्रीगंगानगर के 13 डीओएल गांव में एक छोटी सी दूध की डेयरी चलाता था।बीएससी तक शिक्षित जुगल किशोर 2008 में अपने गांव से बीकानेर आ गया। बीकानेर आने के बाद उसने यहां एक खाद,बीज और पेस्टिसाइड (कीटनाशक) कंपनी में नौकरी की शुरुआत की।यहां काम करते हुए उसने इस क्षेत्र के पूरे नेटवर्क और लूपहोल्स को बारीकी से समझा।अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक साठगांठ को मजबूत करते हुए उसने तेजी से तरक्की की। इसका नतीजा यह हुआ कि जनवरी 2026 में उसे सीधे राजस्थान राज्य बीज निगम का डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया।लेकिन इस बड़ी कुर्सी पर बैठते ही उसने भ्रष्टाचार का एक बड़ा खेल शुरू कर दिया।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस खुलासे के बाद अब राजस्थान राज्य बीज निगम की कार्यप्रणाली और नियुक्तियों पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।सवाल यह है कि जनवरी 2026 में किस आधार पर एक निजी पेस्टीसाइड कंपनी के पूर्व कर्मचारी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई? क्या नियुक्ति से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच नहीं की गई थी? फिलहाल,इस महाघोटाले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों की नजर इस पूरे सिंडिकेट पर है।अब तक एसीबी डायरेक्टर जुगलकिशोर समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। सर्च के दौरान कुल 2 करोड़ 44 लाख रूपए बरामद किए जा चुके हैं।
