तहलका न्यूज,बीकानेर। प्रभारी चिकित्सा मंत्री गजेन्द्रसिंह खीवसर द्वारा गर्भवती महिलाओं के संदर्भ में दिए गए अपमानित बयान के विरोध में शहर ओबीसी प्रकोष्ठ द्वारा कोटगेट पर चिकित्सा मंत्री का पुतला दहन किया।प्रकोष्ठ अध्यक्ष उमा सुथार के नेतृत्व मेंं किये गये प्रदर्शन में महिलाओं ने रोष जताया कि मंत्री का इस प्रकार का बयान अशोभनीय है।महिलाओं का इस तरह मजाक उड़ाना मंत्री की असंवेदनशीलता और सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।सुथार ने कहा कि एक औरत जब प्रसव की पीड़ा सहती है, तो ऐसा लगता है जैसे शरीर की 200 हड्डियां एक साथ टूट रही हों। वह जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़कर एक बच्चे को जन्म देती है। ऐसी दर्दनाक स्थिति के लिए इतनी अशोभनीय टिप्पणी करना बेहद निंदनीय है।बीकानेर की महिलाएं इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगी। मंत्री जी को अपने इस बयान के लिए तुरंत माफी मांगनी पड़ेगी और हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं।इस दौरान बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस की पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रही। जिन्होंने चिकित्सा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए भड़ास निकाली और इस्तीफे की मांग की।
‘क्या मंत्री की माता जी हंसते-नाचते गई थीं’?
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि बीकानेर आकर महिलाओं के लिए जो अशोभनीय टिप्पणी की है कि महिलाएं डिलीवरी के समय नाचती-कूदती जाती हैं,उससे पूरे प्रदेश की महिलाओं में भारी रोष है। मुझे लगता है कि जब चिकित्सा मंत्री खुद पैदा हुए थे,तो क्या उनकी माता जी हंसते-नाचते हुए गई थीं? उनके भीतर की संवेदनाएं और भावनाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। विपक्ष का कहना है कि जब तक चिकित्सा मंत्री अपने इस संवेदनहीन बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते,तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर,प्रसूताओं के परिजन अभी भी अस्पताल की व्यवस्थाओं और दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिंतित हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
थम नहीं रहा विरोध
उधर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य महासचिव डॉ.सीमा जैन ने पीबीएम में डिलीवरी के बाद गंभीर हुई प्रसूताओं पर चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा की है।डॉ.जैन ने कहा “अस्पताल की लापरवाही से आईसीयू और डायलिसिस पर पहुंची महिलाओं का इस तरह मजाक उड़ाना मंत्री की असंवेदनशीलता और सत्ता के अहंकार को दर्शाता है।अपनी विफलता छिपाने के लिए महिलाओं का ऐसा अपमान कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”चिकित्सा मंत्री अपने इस अमानवीय बयान के लिए तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।?प्रसूताओं की किडनी खराब होने के मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।पीडि़त महिलाओं को मुफ्त इलाज और उचित मुआवजा दिया जाए।यदि मंत्री ने माफी नहीं मांगी और पीडि़तों को न्याय नहीं मिला,तो जनवादी महिला समिति पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी।
