तहलका न्यूज,बीकानेर।पहले से ही विवादों के घेरे में घिरे बीकानेर तकनीकी विवि एक बार फिर सतासीन लोगों के निशाने पर आ गया है।जिसके चलते अब कार्यकर्ता अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर दबी जुबान प्रश्न उठाने लगे है। मामला पदोन्नति से जुड़ा है। जिसमें नियमों के विपरित जाकर कु लपति ने सहायक आचार्य को पदोन्नत कर दिया।जबकि जिस सहायक आचार्य को पदोन्नत किया गया है,उसने कोर्ट में वाद दायर कर रखा है। फिर भी उसको पदोन्नति का लाभ देना कही न कही विवि के कार्य प्रणाली को संदेह के घेरे में डालती है।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष की पुत्रवधु है इंदु
मजे की बात तो यह है कि जिस सहायक आचार्य को कुलपति ने पदोन्नत किया है।वह शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल की पुत्रवधु है।हालांकि पदोन्नति एक प्रक्रिया होती है।किन्तु जिस प्रकार से उन्हें पदोन्नति दी गई है।उस पर सवाल उठ रहे है।बताया जा रहा है कि इंदु भूरिया अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत है।2024 में श्रीमती इंदु ने उच्च न्यायालय जोधपुर में अपने प्रमोशन के लाभ लेने के लिए एक केस नं 4485/2024 दर्ज करवाया जो वर्तमान लंबित हैं।इसी दौरान बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के संघटक सहायक आचार्यों को पदोन्नति का लाभ दिया,परंतु कुलपति एवं कुलसचिव ने बोर्ड ऑफ मैनेजमेन्ट की मीटिंग में यह निर्णय लिया कि पदोन्नति का लाभ उन्हीं सहायक आचार्यों को दिया जाएगा।जिन पर या जिनके द्वारा कोई कोर्ट केस नहीं हो। ऐसे में अपने ही निर्णय के विपरित जाकर कुलपति द्वारा इंदु को पदोन्नति का लाभ सतासीन समर्थकों को अखरने लगा है।वे अपने ही नेताओं पर अंगुलियां उठा रहे है।एक नेता ने अपना नाम न छापने की शर्ते पर कहा कि इससे स्पष्ट हैं कि किस तरह भाजपा की सरकार में भी कांग्रेसियों के कार्य भी वरियता से किये जा रहे है।

विवादों के घेरे में रहा है तकनीकी विवि बीकानेर
बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय अपनी स्थापना के बाद से ही विभिन्न प्रशासनिक,वित्तीय और शैक्षणिक विवादों के घेरे में रहा है।इन विवादों में कुलपति और कुलसचिव के बीच अधिकारों की खींचतान,नियुक्तियों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका,फंड की कमी और छात्रों के आंदोलन का शामिल होना प्रमुख है। तत्कालीन कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक शिकायत पर कार्रवाई न होने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राजभवन और तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिवों से जवाब भी तलब किया था।