तहलका न्यूज,बीकानेर।जिले की विशेष एनडीपीएस अदालत ने 15 साल पुराने अफीम तस्करी के बहुचर्चित मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं चौथे आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।अदालत ने सुरेंद्र सिंह,मदनलाल और श्रवणराम को एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत दोषी मानते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास के साथ 2-2 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।जुर्माना जमा नहीं कराने पर प्रत्येक को 6 महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।साथ ही न्यायिक और पुलिस अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को मूल सजा में समायोजित करने के निर्देश भी दिए गए।वहीं जगदीश विश्नोई के खिलाफ धारा 8/29 के तहत लगाए गए षड्यंत्र के आरोप अभियोजन संदेह से परे साबित नहीं कर सका,इसलिए उसे बरी कर दिया गया।
ये है मामला
अपर लोक अभियोजक हरीश कुमार भट्टड़ ने बताया कि 12 फरवरी 2011 को मुखबिर की सूचना पर जयनारायण व्यास कॉलोनी थाना पुलिस ने जोधपुर बाईपास स्थित कोटड़ी रोड पर नाकाबंदी की।इस दौरान एक इंडिका कार को रोककर तलाशी ली गई।सुरेंद्र सिंह के पास से करीब 1 किलो,मदनलाल के पास से करीब 2 किलो और श्रवणराम के पास से करीब 1 किलो अफीम बरामद हुई।इस तरह कुल करीब 4 किलो अफीम जब्त की गई थी।अदालत ने माना कि तीनों आरोपियों के कब्जे से अफीम की बरामदगी अभियोजन के साक्ष्यों से साबित हुई,जबकि जगदीश विश्नोई के खिलाफ षड्यंत्र और खरीद-फरोख्त के आरोप साबित नहीं हो सके।
