तहलका न्यूज,बीकानेर। एक ओर तो बीकानेर में पधारे नगरीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बीकानेर की क्षतिग्रस्त सड़कों लेकर स्पष्ट कहा था कि केवल पेच वर्क से अभी काम चलाया जा सकेगा। नई सड़क को लेकर किसी प्रकार की कोई निविदा नहीं निकलेगी। लेकिन शहर में पेच वर्क की निविदा के नाम पर बनी बनाई सड़क ही खोद डाली। जिसकी शिकायत के बाद निगम के अभियंताओं ने असमर्थता जताते हुए काम का निरीक्षण तक नहीं करने की बात कह डाली। मामला छबीली घाटी क्षेत्र का है। इस वार्ड के लिये नगर निगम में करीब 40 लाख के पेच वर्क का ठेका हुआ था। परन्तु जिस ठेका कंपनी को यह ठेका मिला है उसने पेच वर्क की बजाय सीसी सड़क को ही खोद डाला। जब मोहल्लेवासियों ने इसक ा विरोध किया तो उन्होंने नई सड़क बना देने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। मजे की बात तो यह है कि निगम की ओर से करीब पांच फीट लंबी सड़क बनाने का कोई ठेका ही नहीं हुआ। उसके बाद भी राजनीतिक दबाव के चलते श्रीनाथ कस्ट्रेक्शन कंपनी की ओर से यह सड़क खोद डाली गई।
राजनीतिक दबाव के चलते ठेकेदार ने किया यह काम
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय विधायक को एक मंडल अध्यक्ष ने अपने क्षेत्र की इस सड़क को पूरी सीसी सड़क बनाने का दबाव डाला। जिस पर विधायक ने निगम अभियंता व ठेका कंपनी को मंडल अध्यक्ष के कहे अनुसार काम करने के दिशा निर्देश दिए। जिसके बाद ठेका कंपनी ने इस सड़क की खुदाई शुरू की तो सजग नागरिकों ने इस बारे में ठेकेदार से बातचीत की। इन सजग नागरिकों ने निगम में अभियंताओं से भी मुलाकात की तो उन्होंने अपनी मजबूरी जताते हुए कहा कि इस समय पूरी सड़क निर्माण के लिये किसी प्रकार का कोई बजट नहीं है। छबीली घाटी क्षेत्र वार्ड की क्षतिग्रस्त सड़कों के लिये 40 लाख का टेण्डर जरूर हुआ है। वो भी पेच वर्क का। उसके बाद भी ठेकेदार सड़क खोदकर नई सड़क बना रहा है तो वो जानें।
क्षेत्रवासियों ने लगाया राजस्व को चपत का आरोप
उधर एक सजग नागरिक ने अपने नाम न छापने की शर्ते पर बताया कि छबीली घाटी क्षेत्र में पुरानी सही अवस्था मे पड़ी सड़क को तोड़कर निगम द्वारा दोबारा बनाया जा रहा है। ऐसा निगम मेहरबान इस शहर के मोहल्ले में क्यों है। हालांकि इस पूरी सड़क के लिए कोई भी बजट पास नहीं है। बजट केवल पेचवर्क का पास है। फिर भी 500 फीट लंबी सड़क जो पहले से सही अवस्था में थी उसे तोड़कर वापस नई बनाने से क्या औचित्य है? क्या ठेकेदारों को केवल लाभ दिलाना निगम का काम बन गया है। सड़क पर कार्य शुरू होने से पूर्ण ही मोहल्ले वासियों ने काम न करने के लिए कहा फिर भी राजनीतिक दबाव और ठेकेदारों की मनमानी के कारण आमजन की एक न सुनी गई और सरकार के पैसों की चपत लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सड़क की मोटाई करीब 12 इंच की है और ठेकेदार 6 इंज के सड़क निर्माण से खुदाई कार्य करवाकर बनी हुई सड़क को खराब करने में लगे है।
