तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर के जुगल जोड़ी ज्वेलर्स में दिनदहाड़े हुई 75 ग्राम सोने की चोरी के मामले में आरोपी को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-3 बीकानेर के पीठासीन अधिकारी ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।न्यायालय ने परिवादी के अधिवक्ता अनिल सोनी की दलीलें स्वीकार करते हुए आरोपी की जमानत खारिज की।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों पर “सेवक की हैसियत से मालिक की दुकान में दिनदहाड़े चोरी करने का गंभीर अपराध” है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि वर्तमान में इस तरह के मामले बढ़ते जा रहे हैं।अपराध की गंभीरता को देखते हुए जमानत देना उचित नहीं है।

क्या है पूरा मामला
परिवादी कपिल सोनी पुत्र जुगल नारायण सोनी की जुगल जोड़ी ज्वेलर्स की दुकान में आरोपियों ने सेवक रहते हुए दिनदहाड़े घुसकर 75 ग्राम सोना चुराया और फरार हो गए।आरोपी राजू मंडल शातिर किस्म का व्यक्ति था जो दुकान पर 5-6 दिन पहले ही काम पर लगा था।पूरी वारदात दुकान में लगे ष्टष्टञ्जङ्क कैमरे में कैद हो गई।

पुलिस की कार्रवाई
कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी राजू मंडल और सुबरात अली शेख पुत्र मोहम्मद अली शेख,निवासी गांव जुझारपुर,जिला वर्धमान,पश्चिम बंगाल को मुंबई से गिरफ्तार किया।इस प्रकरण में कोतवाली पुलिस थाने के सहायक उप निरीक्षक राकेश मीना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। उन्होंने आरोपी से चोरी किया गया पूरा का पूरा 75 ग्राम सोना बरामद किया। पूरा सोना बरामद करने पर राकेश मीना की चारों ओर तारीफ की जा रही है।कोतवाली थाना पुलिस की यह कार्रवाई चोरों को मुंहतोड़ जवाब मानी जा रही है।

पैरवी किसने की
मामले में परिवादी कपिल सोनी की ओर से एडवोकेट अनिल सोनी ने पैरवी की।एडवोकेट सोनी ने आरोपी की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वर्तमान में स्वर्णकार व्यापारियों को टारगेट किया जा रहा है और दिनदहाड़े व्यापारियों की हत्या करके लूट-डकैती की जा रही है,जिससे व्यापारियों में डर का माहौल है।उन्होंने दलील दी कि यदि ऐसे में चालान होने से पहले आरोपियों को जमानत का लाभ दिया जाता है तो आरोपियों के भागने की संभावना बनी रहेगी।