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तहलका न्यूज,बीकानेर।अपने विधानसभा क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाले पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई ने एक बार फिर दिहाड़ी मजदूरों के लिए संघर्ष करते हुए उन्हें न्याय दिलाया। इसके चलते अतिक्रमण हटाने आए दल को वापस बैरंग लौटना पड़ा।बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह है सादुलगंज के ढोला मारू क्षेत्र में रेहड़ी लगाने वाले दिहाड़ी मजदूरों को हटाने तहसीलदार अमले सहित मौके पर पहुंचे और गाड़ों को हटाने की कवायद शुरू की। इस दौरान मौके पर पूर्व पार्षद मनोज बिश्नोई आ गए और इन्होंने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। बिश्नोई का तर्क था कि यह लोग दिनभर मजदूरी करके अपने घर का पालन पोषण करते हैं। ऐसे में इन लोगों को हटाकार उनके परिवार को उजाडऩे का काम किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काफी जिद्दों जहद के बाद आखिरकार तहसीलदार ने बातचीत शुरू की और तय हुआ कि 25 गाड़ा संचालकों को क्षेत्र में चिन्हित कर स्थान दिया जाएगा। ताकी अतिक्रमण किसी प्रकार से ना हो और यातायात भी सुचारू रूप से चल सके।

25 गाड़ों का किया स्थान निर्धारण
पूर्व पार्षद बिश्नोई ने बताया कि प्रशासनिक अमले के साथ हुई वार्ता में 25 गड़ा संचालकों को क्षेत्र में स्थान निर्धारित करना तय हुआ ताकि उनके रोजगार पर संकट ना आए और निकटतम भविष्य में किसी प्रकार से प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों को तंग ना किया जाए। आम सहमति बनने के बाद आखिरकार विरोध खत्म हुआ और प्रशासनिक हमला भी वापस लौटा।

पूर्व में भी मजदूरों के लिए किया संघर्ष
बता दे कि बिश्नोई ने इससे पहले भी नवनिर्मित नेत्र चिकित्सालय के सामने अस्थाई दुकान संचालकों के लिए भी संघर्ष कर प्रशासन को यहां से गाड़ी नहीं हटाने के लिए मजबूर किया। इसके बाद से श्रमिक वर्ग में बिश्नोई के प्रति और विश्वास बढ़ा।