

तहलका न्यूज,बीकानेर। शहर में होली की रंगत अब परवान पर है। जहां गुलाल की दुकानें सज गई है। तो वहीं होली के आयोजन भी लगातार देखने को मिल रहे है। शुक्रवार को दोपहर में जहां व्यास जाति की पारंपरिक गेर निकली तो वहीं देर रात कीकाणी व्यासों के चौक में जमनादास कल्ला की रम्मत का आयोजन होगा। मां के अवतरण व गणेश वंदना के साथ रम्मत शुरू होगी।
दो मार्च को शाम 6.38 से 9 बजे तक होलिका दहन
होलिका दहन को लेकर शहर में मत मतान्तर का दौर जारी है। जहां दो दिन पहले एक पंचागकर्ता व पंडितों ने तीन मार्च की अलसुबह को होलिका दहन के लिये शास्त्र सम्मत मूहुर्त बताया था।वहीं शुक्रवार को पंडित महेन्द्र व्यास ने दो मार्च को शाम 6.38 से 9 बजे तक होलिका दहन के लिये सर्वोत्तम मूहुर्त बताया है। रताणी व्यासों की बगेची में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पं व्यास ने कहा कि निर्णय सागर पंचाग व अन्य कई पंचागों में यह स्पष्ट है कि भद्रा शुरूआत के बाद प्रदोष काल में होलिका दहन किया जा सकता है। हालांकि तीन मार्च को अलसुबह भी होलिका दहन गलत नहीं है। किन्तु तीन मार्च को 6.39 बजे ग्रहण का सूतक लगने से गणगौर पूजन करने वाली कन्याएं व महिलाएं इतनी जल्दी पूजन नहीं कर पाएगी। ऐसे में दो मार्च को होलिका दहन और तीन मार्च को धुलंडी पर्व मनाने की बात उन्होंने कही। पत्रकार वार्ता के दौरान उनके साथ पं भगवान दास व्यास भी मौजूद रहे। इसके लिये उन्होंने कई पंचागों व शास्त्रों के तर्क भी पत्रकारों के समक्ष रखे।
आज बधावो ओ दिन नीको ईये, गेवरियों रे काढ़ो लस-लस टीको
होली के अवसर पर एक बार फिर सदियों पुरानी अनूठी परंपरा जीवंत हो उठी। यहां टका लेने की परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई जाती है। होली के रंगों के बीच पारंपरिक गीतों और चंग की थाप पर गेवर निकाली गई, जिसने शहर की सांस्कृतिक विरासत को फिर से सजीव कर दिया।दोपहर करीब ढाई बजे लालाणी व्यासों के चौक से गेर की शुरुआत हुई।आज बधावो ओ दिन नीको ईये, गेवरियों रे काढ़ो लस-लस टीको, चोखा चोखा चावल्ल लस-लस टीको… जैसे पारंपरिक लोकगीतों की गूंज के साथ लोग आगे बढ़े। माथे पर लंबा तिलक,सिर पर साफा और रंग-बिरंगी पगड़ी,हाथों में छड़ी और चंग की थाप पर थिरकते कदम हर दृश्य में होली की मस्ती और परंपरा का संगम नजर आया।होली के उल्लास में सैकड़ों वर्षों पुरानी रस्म के तहत एक विशेष जाति की महिला से रुपये लेने की परंपरा भी निभाई गई।यह टका लेने की रस्म इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।गेर लालाणी व्यासों के चौक से रवाना होकर कीकाणी व्यासों के चौक पहुंची,जहां खड़े लोगों ने भी उत्साहपूर्वक इसमें भागीदारी की। इसके बाद व्यासों का चौक,ओझाओं का चौक,बिन्नाणी चौक और सर्राफा बाजार होते हुए गेर पुनः लालाणी व्यासों के चौक पहुंची और विधिवत संपन्न हुई।इस आयोजन में झूठा पोता परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। लालाणी व्यास जाति की ओर से जयनारायण व्यास, मक्खनलाल व्यास,कानूलाल व्यास,भंवरलाल व्यास,केदार व्यास,मदन गोपाल व्यास और शिव प्रकाश व्यास सहित कई लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं कीकाणी व्यासों की ओर से नारायणदास व्यास,बृजेश्वर लाल व्यास,गोपाल व्यास,भरत,शिवकुमार, श्याम, अरविंद, अरुण, गोवर्धन और बिट्टू सहित अन्य लोगों ने भी परंपरा को आगे बढ़ाया।
फ़ागणिया फुटबॉल” मैच का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स पर
“फ़ागणिया फुटबॉल “मैच शनिवार को धरणीधर मैदान में सांय 5 बजे आयोजित किया जाएगा।अध्यक्ष कन्हैयालाल रंगा ने बताया की यह मैच विचित्र वेशभूषा पहने स्त्रियों की टीम तथा पुरुषों की टीम के बीच में होगा।सचिव सीताराम कच्छावा ने बताया कि इस मैच हेतु अब तक 35 प्रविष्टियां प्राप्त हो चुकी है।विश्व राजनीति के खलबली मचाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फुटबॉल मैच में इसराइल के प्रधानमंत्री नेतान्याहू जेफरी एपेस्टिन,कमांडो,नई बीनणी,मिस इंडिया,शिवाजी,चार्ली चैपलिन,बनी ठनी,तांत्रिक महाराज, श्रीनाथजी,रितंभरा जी,प्रेमानंद जी,रश्मिका मंधाना,विजय,वसुंधरा राजे,अभिषेक शर्मा,योगी आदित्यनाथ,दीपिका पादुकोण,कंगना राणावत,कैटरीना कैफ,आलिया भट्ट,रणवीर कपूर,रितिक रोशन,सलमान खान,मलिंगा के साथ-साथ देवी देवताओं,साईं बाबा इत्यादि के स्वांग बनकर आने की प्रविष्टियां प्राप्त हो चुकी है।आज धरणीधर मैदान में अध्यक्ष कन्हैयालाल रंगा,मैदान समिति प्रभारी दुर्गा शंकर आचार्य, गोपालकृष्ण हर्ष,जगमोहन आचार्य,किसन स्वामी,गिरिराज पुरोहित,महेंद्र पुरोहित चंद्रपाल आदि सदस्यों ने मैदान की विभिन्न व्यवस्थाओं को अंजाम दिया ।इस मैच में महिला का स्वांग बनकर खेलने वाले खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
पानी डोलची खेल शनिवार को
रियासतकालीन परम्परा के तहत शनिवार को पुष्करणा समाज की हर्ष और व्यास जाति के बीच प्रेम और सौहार्द के प्रतीक रूप में पानी डोलची खेल खेला जाएगा। दोपहर 2 बजे से होने वाले इस खेल में डोलची खिलाड़ी एक-दूसरे की पीठ पर प्रेम भरी पानी की बौछार करेंगे और एक दूसरे को होली की शुभकामनाएं देंगे। हर्षो के चौक में होने वाले इस खेल की तैयारियां शुक्रवार से शुरू हुई। वहीं खिलाडिय़ों ने अभ्यास किया। डोलची खेल में हर्ष और व्यास जाति के साथ अन्य जातियों के लोग भी प्रेम -सौहार्द के रूप में शामिल होंगे। खेल समाप्ति की घोषणा हवा में गुलाल उड़ाकर की जाएगी।
आचार्यों के चौक् में होगी अमरसिंह राठौड की रम्मत
मंगलवार देर रात 12 बजे आचार्यों के चौक में वीर रस प्रधान अमरसिंह राठौड की रम्मत होगी। सबसे पहले मां राय भवानी जगदम्बा की सजीव झांकी निकाली जाएगी और उसके बाद रम्मत शुरू होगी। ये आयोजन पूरी रात चलेगा और सुबह 10 बजे संपन्न होगी। ये शहर की भाव प्रधान व वीररस से ओत प्रोत इकलौती रम्मत है। बाकी रम्म्तें श्रृंगार रस प्रधान होगी जबकि अमरसिंह राठौड की शूरवीरता व साहस के आधार पर ये वीर रस प्रधान होती है। समूचा शहर इसे देखने आचार्योँ के चौक में उमडता है। आज पूरी रात आचार्यो के चौक में रम्मतप्रेमियों व होली प्रेमियों का जमावडा रहेगा।
