तहलका न्यूज,बीकानेर। मुक्ताप्रसाद नगर (सेक्टर 12) में राजस्थान आवासन मंडल की हेल्थ सेंटर के लिए आरक्षित भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण का मामला अब अदालत की चौखट पर है।इस मामले में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट सं.-03,बीकानेर ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए स्थानीय निवासी और शिकायतकर्ता दीपक कुमार भदौरिया को मामले में बीकानेर विकास प्राधिकरण के साथ साथ बतौर प्रतिवादी (संख्या 3) के रूप में पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है।अदालत में चल रहे ‘बुलाकीराम बनाम राज्य’ आदि मामले में दीपक भदौरिया ने एडवोकेट अनिल सोनी के मार्फत प्रार्थना पत्र पेश कर आरोप लगाया था कि वादी बुलाकीराम आदि जिस भूमि पर अपना मालिकाना हक जता रहे है,वह वास्तव में आवासन मंडल की है और जनहितार्थ आरक्षित है।वादी द्वारा खसरा संख्या 745, 748 व 749 की भूमि को खसरा नंबर 751 का बताकर उस पर अवैध निर्माण किया जा रहा था।प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया कि वादी ने अपने पुत्र के साथ मिलकर इस विवादित भूमि को सरस्वती शर्मा और मुकुल राजपुरोहित को अवैध रूप से बेच दिया है।कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि अगर सार्वजनिक या व्यावसायिक भूमि पर अवैध निर्माण होता है, तो उसी मोहल्ले का निवासी होने के नाते प्रार्थी दीपक भदौरिया के अधिकार प्रभावित होंगे और वे लोक सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे। न्यायपूर्ण और प्रभावी निस्तारण के लिए अदालत ने आदेश 1 नियम 10 (सपठित धारा 151 सी.पी.सी.) के तहत दिए गए उनके प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। मामले में दीपक भदौरिया की ओर से पैरवी एडवोकेट अनिल सोनी ने की।

प्रशासन कर चुका है सीलिंग की कार्रवाई

इस विवादित जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर, यूआईटी और बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) को शिकायतें की थीं। इसके बाद 6 दिसंबर 2024 को आवासन मंडल के आवासीय अभियंता ने इस निर्माण को अवैध घोषित किया था, वहीं 3 अप्रैल 2025 को बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) के सचिव ने अनाधिकृत निर्माण को सीज करने के सख्त आदेश जारी किए थे।

वादी ने मांगा समय 

अब 28 अप्रैल को सुनवाई अदालत द्वारा शिकायतकर्ता दीपक भदौरिया को प्रतिवादी बनाए जाने के आदेश के बाद, 11 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में वादी के अधिवक्ता ने कोर्ट से संशोधित शीर्षक पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने उन्हें अवसर प्रदान करते अगली तारीख 28 अप्रैल 2026 तय की है।