तहलका न्यूज,बीकानेर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का ‘कमरा नंबर 2’ इन दिनों भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही का अड्डा बन चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार,यहाँ साल 2019 से दो कर्मचारियों का एक ऐसा गुट सक्रिय है,जिसने पूरे तंत्र को अपनी मु_ी में कर रखा है। सालों से एक ही सीट पर जमे ये कर्मचारी अब नियमों और रिकॉर्ड के साथ खिलवाड़ करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
फर्जीवाड़े की बू: उच्च अधिकारियों ने पकड़ी चोरी
कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक बीसीएमओ/संस्था/2025/247 (दिनांक 10/03/2025) के माध्यम से एक अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया गया। हैरानी की बात यह है कि इस प्रमाण पत्र की सत्यता पर खुद संयुक्त निदेशक ने सवाल उठा दिए हैं। संयुक्त निदेशक ने फाइल पर कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज करते हुए पूछा है कि पूर्व में जारी रिकॉर्ड और इस नए प्रमाण पत्र में अंतर कैसे आया।यह सीधे तौर पर संकेत देता है कि ‘कमरा नंबर 2’ में बैठकर दस्तावेजों को ‘मैनिपुलेट’ करने का खेल चल रहा है। आखिर किसकी शह पर एक ही व्यक्ति के अनुभव के अलग-अलग आंकड़े पेश किए जा रहे हैं।
रिकॉर्ड गायब: खुलासे से मचा हड़कंप
प्रशासनिक लापरवाही और साजिश का एक और नमूना पत्र क्रमांक संस्था/005 (दिनांक 01/01/2024) में देखने को मिला। जब सूचना के अधिकार के तहत मूल बॉण्ड की जानकारी मांगी गई,तो विभाग ने लिखित में पल्ला झाड़ लिया कि “मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं है”।सवाल खड़ा होता है कि अगर मूल दस्तावेज गायब है, तो पत्र क्रमांक 247 के जरिए अनुभव का सत्यापन किस आधार पर कर दिया गया? क्या विभाग के पास जादू की छड़ी है या फिर ‘कमरा नंबर 2’ के रसूखदार स्टाफ ने रिकॉर्ड को ही खुर्द-बुर्द कर दिया है?
7 सालों से एक ही जगह पर ‘कब्जा’
प्रशासनिक नैतिकता की धज्जियां उड़ाते हुए ये कर्मचारी 2019 से आज दिनांक तक एक ही जगह पर ‘चिपके’ हुए हैं। सरकारी नियमावली के अनुसार संवेदनशील पदों पर रोटेशन अनिवार्य है,लेकिन यहाँ ‘निजी सल्तनत’ चलाई जा रही है। क्या बीकानेर का स्वास्थ्य महकमा इन दो कर्मचारियों की मनमानी के आगे नतमस्तक हो चुका है।
जांच की आंच से क्यों बच रहे हैं ‘साहब’
दस्तावेजों में हेरफेर और रिकॉर्ड का न मिलना यह साबित करता है कि दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल ही काली है। क्या उच्च अधिकारी इस ‘कमरा नंबर 2’ के भ्रष्टाचार की फाइल खोलेंगे या फिर कागजों का यह घालमेल इसी तरह चलता रहेगा।
