तहलका न्यूज,बीकानेर। राजस्थान की राजनीति में मंत्रियों या नेताओं के बड़बोलेपन और विवादित बयानों का इतिहास रहा है। हाल ही में हुए एक विवाद के अनुसार,सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का एक ऑडियो वायरल हुआ था जिसमें कथित तौर पर पुलिसकर्मियों को अपशब्द और धमकियां का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ था कि अब नगरीय निकाय मंत्री झाबर सिंह खर्रा भी अपने बड़बोलेपन के चलते बुधवार को चर्चाओं में आ गये। बीकानेर के सर्किट हाउस में जनसुनवाई कर रहे झर्रा के समक्ष एक परिवादी गोपाल किराडू जब बीडीए की शिकायत लेकर पहुंचा तो उसकी समस्या का समाधान करने की बजाय उन्होंने बहुत कुछ सुना दिया। बताया जा रहा है कि मंत्री ने परिवादी गोपाल किराडू ने जब मंत्री से मिलने का मौका नहीं मिला की बात कहने पर भड़क उठे और उन्होंने यहां तक कह दिया कि आप जैसे कई आते है। पता चला है कि परिवादी ने अपने पुश्तैनी कागजात की फाइल बीडीए द्वारा खोने की शिकायत लेकर पहुंचे जब मंत्री से फरियाद लगाई तो मंत्री झर्रा ने कहा तुम जैसे चाहोगे वैसे समय नहीं मिलेगा। तुम्हे पेट में दर्द होता है,जब तुम कभी भी आ जाते हो। पेट के दर्द का इलाज नहीं करवाना सिर्फ नौटंकी करनी है। मेरे 55 साल के सार्वजनिक जीवन में तुम जैसे कई लोग देखें है।ज्यादा हो हल्ला न तो आज बर्दाश्त है और न ही कल। जिसके बाद परिवाद वहां से हाथ जोड़ते हुए बाहर निकल गया। इस दौरान कुछ भाजपाई नेताओं ने परिवादी की बात को सही भी बताया।

टोकन मनी बिना नहीं होता काम
परिवादी गोपाल किराडू ने सार्वजनिक रूप से मंत्री झाबर सिंह के सामने बीडीए अधिकारियों व कार्मिकों पर आरोप लगाएं कि टोकन मनी बिना कोई काम नहीं करते। किराडू की बात का भाजपा के वहां खड़े नेताओं ने समर्थन भी किया। लेकिन खुलकर कोई बोल नहीं पाया। इस बीच विधायक जेठानंद व्यास ने भी मंत्री के कानों में कुछ कहने के बाद मंत्री ओर भड़क गये।