तहलका न्यूज,बीकानेर।राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति,भाषा,कला एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हेरिटेज ट्रस्ट द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘रंगरूड़ौ राजस्थान’ सांस्कृतिक महोत्सव के पोस्टर का विमोचन क्षत्रिय महासभा के प्रांगण में किया गया।पोस्टर का विमोचन इतिहासविद् राजवीर सिंह चलकोई,छैलु सिंह ‘छैल,रामावतार उपाध्याय,स्वरूप पंचारिया,महेन्द्र सिंह,हनुमान पंचारिया,राजेश चौधरी,कमल मारु,प्रशांत जैन एवं मनीष बिश्नोई सहित राजस्थानी मोटियार परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में किया गया।इस अवसर पर राजस्थानी मोटयार परिषद के जिलाध्यक्ष हिमांशु टाक ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक महोत्सव नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा,लोक परंपराओं एवं सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।उन्होंने कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।महोत्सव के संयोजक राम राजस्थानी ने बताया कि 29 जुलाई से 1 अगस्त तक प्रतिदिन निःशुल्क राजस्थानी साफा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा।इसके उपरांत 2 अगस्त को सायं 5 बजे हनुमान मंदिर प्रांगण,लूणकरणसर में भव्य ‘रंगरूड़ौ राजस्थान’ सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन होगा।महोत्सव में राजस्थानी साफा प्रतियोगिता,लोक संस्कृति सम्मान समारोह,रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं एवं लोक कलाओं की मनमोहक झलक प्रस्तुत की जाएगी।पंडित जी फाउंडेशन फॉर कल्चरल हेरिटेज ट्रस्ट के संस्थापक स्वरूप पंचारिया ने प्रदेशभर के संस्कृति प्रेमियों से इस आयोजन में अधिकाधिक संख्या में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि ‘रंगरूड़ौ राजस्थान’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि राजस्थान की भाषा,लोक कला,लोक संस्कृति एवं सांस्कृतिक अस्मिता को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक जनआंदोलन है।उन्होंने सभी नागरिकों से इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।