

तहलका न्यूज,बीकानेर।नगर निगम मेें मतदान के बाद प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया है।मतदान के पश्चात सट्टा बाजार के आंक लन और आमजन की धारणाओं के चलते कांग्रेस को बढ़त दिख रही है।वहीं भाजपा भी इस बात को लेकर आशान्वित नजर आ रही है कि वो तीस सीटों का आंकड़ा छू सकती है।जिसके चलते दोनों ही दलों ने अपने अपने पार्षद प्रत्याशियों को एक स्थान पर एकत्रित कर लिया है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा के एक नेता ने संभावित जीताऊ निर्दलीयों को अपने कब्जे में लिया है।इससे ऐसा माना जा रहा है कि क ही न कही भाजपा इन निर्दलीयों के भरोसे तीसरी बार महापौर पद पर काबिज होने की फिराक में है।जिसके लिये अन्दरूनी रणनीति व जोड़तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। उधर कांग्रेस ने भी निगम पर परचम फहराने के लिये संभावित निर्दलीयों से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस में धड़ेबंदी की सूचना,भाजपा में शह-मात का खेल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर कांग्रेस बहुमत के ईद गिर्द सीटें ले लेती है या बहुमत का आंकड़ा पार कर लेती है तो कांग्रेस के तीन धड़े अपने अपने चेहते का महापौर बनाने की दौड़ लगाते दिख रहे है।इनमें दो नेता ऐसे है,जिनका राजनीतिक क्षेत्र ग्रामीण होने के बावजूद वे निगम महापौर बनवाने में अपनी टांग अड़ा रहे है।वहीं पूर्व मंत्री व शहर अध्यक्ष ने भी कांग्रेस का महापौर बने इसके लिये मोर्चा संभाल रखा है।अगर कांग्रेस में शहर व ग्रामीण नेताओं के बीच खींचतान रही तो एक राय हो पाना संभव नहीं होगा। कांग्रेस की यही चूक भारी पड़ सकती है।वहीं भाजपा में भी केन्द्रीय मंत्री और उनके विरोधी गुटों में अन्दरखाने बातचीत चल रही है,ताकि पिछली बार की तरह केन्द्रीय मंत्री के प्रभाव वाला महापौर न बन जाएं।इसको लेकर शह-मात का खेल की कानाफुसी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।केन्द्रीय मंत्री के विरोधियों ने ग्रामीण के एक सशक्त नेता से गुप्त मंत्रणा कर एक प्लान बनाया है।पता चला है कि अगर कांग्रेस और भाजपा में खींचतान के ऐसे नजारे देखने को मिले तो परिणाम पर इसका असर क्रॉस वोटिंग के रूप में देखने को मिल सकता है।
