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तहलका न्यूज,बीकानेर। नगर निकाय चुनाव के परिणामों ने राजनीतिक पार्टियों को सोचने को मजबूर कर दिया है। जिस तरह परिणाम सामने आएं है,उसने भाजपा को बड़ा झटका दिया है।तो कांग्रेस के लिये संजीवनी बनकर नई जान फंूकते नजर आ रहे है।राजनीतिक जानकारों की माने तो भाजपा-कांग्रेस ने 6,19,22,24,26,28,40,54,68 में दोनों प्रमुख दलों ने सामान्य जाति के लोगों को टिकट नहीं दिया।इसी तरह भाजपा ने वार्ड 23,38,51,64,66,67,69 ने ओबीसी,वार्ड 17,25,31,35,56,61,65,79 में कांग्रेस ने सामान्य वार्ड में अन्य वर्ग को टिकट दिया।उधर कांग्रेस ने कई सामान्य सीटों पर अल्पसंख्यक समाज को टिकट दिए। वार्ड 18,25,30,55,62,64,67,70,80 में अपना प्रत्याशी बनाया। तो भाजपा ने 41,54,78 में अल्पसंख्यक समाज को टिकट दी।बात करें जीते हुए उम्मीदवारों की तो सबसे अधिक उम्र की पार्षद कांग्रेस की लक्ष्मी देवी बनी है तो सबसे युवा पार्षद अनीश बने है।इतना ही नहीं इस बार शैक्षणिक योग्यता वाले पार्षद भी निगम सभागार में बैठेंगे। जिसमें पीएचडी धारक,सीए,बीएड धारक शामिल है। तो कई व्यवसायी पार्षद है तो कई ग्रहणियां भी निगम में बतौर पार्षद पहुंची है।

बीकानेर पूर्व : भाजपा का पारंपरिक गढ़ और कांग्रेस की सेंधमारी
पूर्व विधानसभा सीट पर भाजपा का मजबूत आधार एक बार फिर नजर आया।भाजपा ने यहां सामान्य वर्ग की 11 और सामान्य महिला वर्ग की 2 सीटों पर जीत दर्ज की,जो इस क्षेत्र में उसके पारंपरिक जनाधार को पुख्ता करती है। हालांकि भाजपा को ओबीसी (एक पुरुष,एक महिला) और एससी वर्ग (एक पुरुष,एक महिला) से सफलता मिली।कांग्रेस ने सामान्य वर्ग की 7 और सामान्य महिला वर्ग की 4 सीटों के साथ सवर्ण मतदाताओं में अपनी पैठ मजबूत की। सबसे बड़ा उलटफेर ओबीसी और एससी वर्ग के मोर्चे पर रहा जहां कांग्रेस ने ओबीसी की 5 और एससी की 3 सीटों पर कब्जा जमाया।कांग्रेस ने केवल सामान्य सीटों पर ही नहीं,बल्कि आरक्षित और अन्य पिछड़ा वर्ग के बीच भी भाजपा की तुलना में कहीं अधिक सीटें जीतकर अपनी सियासी जमीन को व्यापक किया है।

बीकानेर पश्चिम: कांग्रेस का आक्रामक विस्तार
पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में निर्णायक रहे।यहां कांग्रेस ने सामान्य वर्ग की 11 और सामान्य महिला वर्ग की 6 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की।इसके अलावा ओबीसी पुरुष (2),ओबीसी महिला (1),एससी पुरुष (1) और एससी महिला (2) पदों पर जीत हासिल कर पार्टी ने सर्वस्पर्शी जीत का संदेश दिया।दूसरी ओर पश्चिम में भाजपा का प्रदर्शन मुख्य रूप से सामान्य सीटों (4 सामान्य, 3 सामान्य महिला) तक सिमट कर रह गया। ओबीसी (एक पुरुष, एक महिला) और एससी (1) वर्ग में भाजपा को सीमित सीटें ही मिल सकीं।लब्बोलुआब यह है कि इस चुनाव में कांग्रेस ने रणनीति बदलते हुए न केवल सामान्य सीटों पर फोकस किया बल्कि ओबीसी और एससी वर्ग के मतदाताओं को भी मजबूती से अपने पाले में खींचा।