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तहलका न्यूज,बीकानेर।दस साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नगर निगम बीकानेर में एक बार फिर कांग्रेस सता पर काबिज होने में कामयाब हो गई है। कांग्रेस ने 79 सीटों पर हुई वोटिंग में 42 सीटें हासिल कर ली है। जबकि भाजपा 25 सीटों में सिमट गई।वहीं 11 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजय घोषित हुए है।जबकि रालोपा ने भी निगम चुनाव में अपना खाता खोल जिले में एंट्री की है। उयर शहर की सबसे हॉट सीट कही जाने वाली वार्ड 73 की सीट में कांग्रेस के युवराज ने जीत दर्ज की है।यहां से कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री डॉ बी डी कल्ला के भतीजे अनिल कल्ला ने भाजपा उपाध्यक्ष दीपक पारीक को आठ सौ से ज्यादा वोटों से मात दी है।इतना ही नहीं पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित भी चुनाव हार गई है। उन्हें कांग्रेस की किरण भाटी ने 400 के करीब वोटों से चुनाव हराया है। दो चरणों में हुए नगरीय निकाय चुनाव के बाद बीकानेर जिले की सात नगरीय निकायों में मतगणना शुरू हो गई है। सोमवार सुबह 8 बजे बीकानेर के राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में ईवीएम की गिनती शुरू हुई। जिले के सात निकायों में कुल 4,54,069 वोट पड़े थे,जिनकी गिनती के साथ चुनाव परिणाम सामने आने लगे हैं।मतगणना के लिए 13 काउंटिंग रूम में 85 टेबल लगाई गई हैं।इनमें बीकानेर नगर निगम के लिए पांच कमरों में 43 टेबल निर्धारित हैं। नोखा और श्रीडूंगरगढ़ में 10-10, लूणकरणसर में 7 तथा नापासर,देशनोक और खाजूवाला में 5-5 टेबल पर मतगणना हो रही है।

बीकानेर तहलका न्यूज के एक्जिट पोल पर लगी मुहर
गौरतलब रहे कि बीकानेर तहलका न्यूज ने 9 सितम्बर को मतदान के तुरंत बाद अपना एक्जिट पोल जारी किया था।जिसमें स्पष्ट लिखा था कि कांग्रेस को 37 से 42 सीटें कांग्रेस,22 से 27 सीटें भाजपा और 8 से 15 सीटों पर निर्दलीय चुनाव जीतेंगे। सोमवार को जारी परिणाम में यहीं परिणाम सामने आएं है।इसमें कांग्रेस के 42,भाजपा के 27 व 11 निर्दलीय चुनाव जीते है। जबकि रालोपा ने एक सीट पर जीत दर्ज की है।रालोपा के खाता खोलने की खबर भी बीकानेर तहलका न्यूज ने पूर्व में ही प्रकाशित कर दी थी।

भाजपा के दिग्गज हुए धाराशाही
नगर निगम चुनावी नतीजों ने सबको चौंका दिया है।इस चुनाव में भाजपा के अनेक दिग्गज व उनके परिजन धाराशाही हो गये है।इसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के खास माने जाने वाले एड अशोक प्रजापत,सुशीला कंवर राजपुरोहित,भूपेन्द्र शर्मा,श्रीगोपाल अग्रवाल,दीपक पारीक,किशोर आचार्य,मोहन सुराणा की पत्नी,सरिता नाहटा,मुकेश बन भाजपा के लगभग सभी दिग्गज चुनाव हार गये।वहीं कांग्रेस के लगभग सभी दिग्गजों ने चुनावी मैदान में मोर्चा मार लिया है।इनमें पूर्व महापौर मकसूद अहमद,चेतना डोटसरा,दिलीप बांठिया,जावेद पडिहार,धर्मवीर नाहटा प्रमुख है।लेकिन पिछले तीस सालों से चुनाव जीतने वाले परमानंद गहलोत पहली बार चुनाव हार गये।

बीकानेर पश्चिम से सबसे ज्यादा जीते कांग्रेस के पार्षद
बता दें कि बीकानेर पश्चिम व पूर्व से कांग्रेस ने गत चुनाव के मुकाबले अपना प्रदर्शन सुधारा है।जहां बीकानेर पश्चिम के कांग्रेस ने 39 वार्ड में से 23 वार्डों मेें जीत हासिल की है।इसमें वार्ड एक,4,17,18,21,24,25,27,41,42, 45,46,55, 56,58,60,62,73,74,75,78,89,80 शामिल है।वहीं भाजपा कांग्रेस को महज 10 सीटों से ही संतोष करना पड़ा है।इसमें 2,3,19,20,43,57,59,61,71,76 है।वहीं पांच सीटों 22,26,44,63,72 पर निर्दलीय और एक सीट 23 पर रालोपा विजय हुई है।तो बीकानेर पूर्व की 41 सीटों में कांग्रेस को 19 सीटों पर कब्जा किया है।इन सीटों में 5,7,14,1516,29,30,35,38,39,47,48,50,53,54,64,65,66,77 शामिल है।इनमें भाजपा को 17 सीटें पर जीत मिली है।जिसमें 6,8,9,12,13,31,33,34,36,37,40,51,52,67,68,69,70 प्रमुख है।बीकानेर पूर्व में वार्ड 10,11,28,32,49 में निर्दलीय जीते है।

एक पूर्व महापौर जीता,एक की हुई हार
सोमवार को घोषित परिणामों में एक पूर्व महापौर मकसूद अहमद ने वार्ड 18 से जीत हासिल की तो वहीं विगत चुनाव में पहली महापौर बनी सुशीला कंवर को हार का सामना करना पड़ा।इसी तरह 2019 में पार्षद रहे रमजान कच्छावा,वसीम फिरोजी,शिवशंकर बिस्सा,प्रफुल्ल हटीला,परमानंद गहलोत,किशोर आचार्य,नंद किशोर गहलोत को हार का मुंह देखना पड़ा।तो मनोज विश्नोई,चेतना डोटासरा,विनोद धवल,जावेद पडिहार,प्रतीक स्वामी,पुनीत शर्मा, अब्दुल वाहिद,नंद लाल जावा,दुर्गादास छंगाणी,जुलेखा,अकबर खादी फिर से पार्षद का चुनाव जीतने में कामयाब हुए।इधर कई पार्षद ऐसे भी है जो पहले पार्षद रह चुके है।इनमें उम्मेद सिंह राजपुरोहित,भगवती प्रसाद गौड़,धर्मवीर नाहटा,गिरिराज जोशी,हेमेन्द्र भाटी है।

तीन से चार बार पार्षद बने ये युवा नेता
इसमें कई पार्षद ऐसे भी है।जो तीसरी से चौथी बार पार्षद बने है।इसमें जावेद पडिहार ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की है।तो दुर्गादास छंगाणी,नंदलाल जावा,लक्ष्मी देवी,विनोद धवल ने तीन बार,मनोज विश्नोई,चेतना डोटासरा,अकबर खादी,गिरिराज जोशी,प्रतीक स्वामी,उम्मेदसिंह,भगवती प्रसाद,धर्मवीर,जुलेखा,पुनीत शर्मा,अब्दुल वाहिद दूसरी बार पार्षद चुने गये है।

विधायक के ज्यादातर प्रत्याशी हारे
मजे की बात तो यह है कि निगम चुनाव में विधायक जेठानंद व्यास की ओर से टिकट दिलवाने वाले और उनकी सिफारिश करने वाले अधिकांश प्रत्याशी चुनाव हार गये।इनमें किशन चौधरी,विशाल गोलछा,सुमन जोशी,किरण जोशी,जसोदा ओझा,सतीश किराडू,आसकरण ओझा,दीन दयाल स्वामी,दीपक जाजड़ा,मुकेश ओझा,माणक सेन,मुरली पंवार,टेकचंद गहलोत,रामदयाल पंचारिया,शशिकांत गहलोत,महेन्द्र वाल्मिकी,कमला देवी चा ंडक को हार का मुंह देखना पड़ा है।

भाजपा जिलाध्यक्ष के वार्ड में हारी भाजपा
मजे की बात तो यह है कि भाजपा जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ के वार्ड से भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा है। जिस प्रत्याशी से सुमन छाजेड़ पिछली दफा महज तीन वोट से चुनाव जीती थी।उसी प्रत्याशी सविता जोशी ने भाजपा की प्रत्याशी सरिता नाहटा को मात दी।यह वार्ड भाजपा की जिलाध्यक्ष का वार्ड है। इस हार के साथ निकाय चुनाव में भाजपा की शिकस्त को लेकर अब प्रदेश नेतृत्व में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

अब महापौर की कवायद शुरू
परिणाम आने के साथ ही अब कांग्रेस ने बहुमत हासिल कर लिया है और महापौर पर मंथन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि महापौर के लिये मकसूद अहमद के साथ मनोज विश्नोई,नवरतन डागा,धर्मवीर नाहटा महापौर की दौड़ में शामिल है। वहीं युवा अनिल कल्ला को भी इस रेस में माना जा रहा है। हालांकि अभी तक इस बात को लेकर कांग्रेस में एक राय नहीं बन पाई है। परन्तु कांग्रेस नेतृत्व ने इसको लेकर गंभीरता के साथ मंथन शुरू कर दिया है। पता चला है कि कांग्रेस फूंक फूंक कर कदम रख रही है।

पालिकाओं में बराबरी का मुकाबला
उधर पांच पालिकाओं के हुए चुनावों में आएं परिणाम में देशनोक,नापासर में कांग्रेस ने बढ़त बनाई है तो वहीं नोखा में एक बार फिर विकास मंच ने अपना दम दिखाते हुए पालिका में जीत हासिल की है। उधर श्रीडूंगरगढ़ में जोड़ तोड़ की राजनीति से अध्यक्ष बनेगा। तो खाजूवाला व लूणकरणसर में भाजपा अपना बोर्ड बनाने में कामयाब हो जाएगी।

देशऩोक में कांग्रेस ने बाजी मारी
स्थानीय निकाय चुनावों में जिले की देशनोक नगर पालिका में फिर ओम मूंधड़ा के‌ नेतृत्व कांग्रेस ने जीत का परचम फहरा दिया है। देशनोक नगर पालिका में कुल 25 वार्ड है, जिनमें 15 पर कांग्रेस ने विजय हासिल करके भारी बहुमत के साथ बोर्ड पर फिर से कब्जा कर लिया है,जबकि 2 पर निर्दलीय ने बाजी मारी है और भाजपा को 8 सीट पर ही संतोष करना पड़ा है।सर्व विदित है कि देशनोक नगर पालिका में पिछली बार भी कांग्रेस का कब्जा था और और ओम मूंधड़ा अध्यक्ष थे, इस बार सत्ताधारी दल भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए अनेकों तरह के हथकंडे अपनाकर ओम मूंधड़ा पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामला भी दर्ज करवाकर चुनावी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने की कोशिश की थी, मगर ओम मूंधड़ा का व्यक्तिगत प्रभाव व कांग्रेस के बढ़ते जनाधार के सामने सारे षड्यंत्र फेल हो गये और ओम मूंधड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस ने भारी बहुमत प्राप्त करके एक बार फिर जीत का परचम फहरा दिया।

अकेले झंवर ने चुनावी मैदान में समूची सरकार को धूल चटाई
11 सितंबर को स्थानीय निकाय चुनावों में राजस्थान में सब की नजर बीकानेर जिले की नोखा मंडी नगर पालिका चुनावों पर टिकी हुई थी, जहां अकेला कन्हैयालाल झंवर विकास मंच के बैनर पर समूचे सत्ता धारी दल भाजपा से चुनावी मुकाबला कर रहे थे, नोखा के पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी विश्नोई सहित अनेकों दिग्गज नेताओं की शान का सवाल बनी नोखा मंडी नगर पालिका पर जीत हासिल करने के लिए सभी हथकंडे अपनाए जा रहे थे, मगर फिर भी आज घोषित हुवे चुनावी नतीजों के अनुसार मात खा गये, स्पष्ट कहे तो समूचे सत्ताधारी दल भाजपा को अकेले नोखा के लाल के नाम से पहचाने जाने वाले कन्हैयालाल झंवर ने चुनावी मैदान में बुरी तरह से पछाड़ मारकर धूल चटा‌ दी ।नोखा मंडी नगर पालिका चुनावों में भाजपा की बुरी तरह से हार हुई है, कुल 45 वार्डो में भाजपा केवल 13 सीट पर जीत हासिल कर सकी है, निर्दलीय 3 पर जीते हैं, जबकि विकास मंच अकेले ने 29 सीटों पर जीत दर्ज करके भारी बहुमत का रिकॉर्ड बनाया है।