तहलका न्यूज,बीकानेर। मानस प्रचार समिति,लखोटिया चौक की ओर से रविवार से नवाह्न पारायण पाठ का विधि विधान से पूजन कर शुरू हुआ। कथा वाचक पं सुशील आसोपा एंड पार्टी द्वारा श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि। बरनऊँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि। के साथ संगीतमय तरीके से पाठ का आगाज किया।इसके माध्यम से पं आसोपा ने संत और असंत का वर्णन,कवियों की वंदना,गोस्वामी तुलसीदास जी की विनम्रता,रामकथा की पवित्रता और याज्ञवल्क्य-भारद्वाज संवाद का प्रारंभ के बारे में जानकारी प्रदान की।प्रथम दिन बाल कांड व शिव विवाह के प्रसंग सुनाएं। इस दौरान उपस्थित भक्तगणों ने आनंदमय तरीके से पाठ का वाचन किया। जिससे माहौल भक्तिमय हो गया। शाम को रामदास जी महाराज ने कहा कि नवाह्न पारायण पाठ करने से मन शांत होता है।अगर इसे किसी कार्य या मनोकामना की पूर्ति के लिए संकल्प लेकर शुरू किया जाता है,तो भगवान मनोकामना पूरी करते हैं।नवाह्न पारायण पाठ से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है और सारी नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है। इनके पाठ करने से देवी देवता प्रसन्न होते हैं और ईश्वर की कृपा सभी बनी रहती है। साथ ही महाराज श्री ने बताया कि किस तरह मां पार्वती को तपस्या के बाद भगवान शिव मिले। इस मौके पर आएं हुए महाराज श्री का समिति के अध्यक्ष राजेश चूरा सहित राजेन्द्र पुरोहित और बलभद्र व्यास सहित आयोजकों की ओर से स्वागत किया गया।