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तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से चले आ रहे गंभीर जल संकट के बीच अब राहत की खबर सामने आई है।शनिवार को इंदिरा गांधी नहर परियोजना में पानी का प्रवाह दोबारा शुरू हो गया है,जिससे पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ गई है।चीफ इंजीनियरविवेक गोयल ने बताया कि नहरबंदी समाप्त होने के बाद अब इंदिरा गांधी नहर में पानी छोड़ा गया है और यह प्रवाह तेजी से आगे बढ़ रहा है।पानी मसीतावाली हेड जीरो आरडी तक पहुंच चुका है।बीकानेर और आसपास के इलाकों में नहरबंदी के चलते पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा था।कई क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की सप्लाई की जा रही थी,जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।लोगों को पानी स्टोर कर काम चलाना पड़ रहा था,जबकि कई जगहों पर टैंकर ही मुख्य सहारा बन गए थे।इस दौरान स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि निजी पानी के टैंकर सामान्य दरों से कई गुना, यहां तक कि दस गुना तक महंगे दामों पर बेचे जा रहे थे।मजबूरी में लोगों को ऊंचे दाम चुकाकर पानी खरीदना पड़ रहा था,जिससे आम परिवारों का बजट प्रभावित हुआ।

लगातार मॉनिटरिंग जारी

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के चीफ इंजीनियर गोयल ने बताया कि पानी का प्रवाह शुरू होने के बाद यह मसीतावाली हेड जीरो आरडी तक पहुंच चुका है,जिसके बाद आगे की सप्लाई व्यवस्था को सुचारू करने का काम लगातार जारी है। विभाग की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है ताकि आगे जल आपूर्ति प्रणाली को तेजी से बहाल किया जा सके।

आने वाले दिनों में हालात सुधरने की उम्मीद

अधिकारियों के अनुसार,नहर का पानी आगे बढ़ते हुए बीछवाल क्षेत्र तक 18 मई की शाम और 19 मई की सुबह शोभासर जलाशय तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद जलदाय विभाग की सप्लाई व्यवस्था में सुधार होने लगेगा।स्थिति सामान्य होने पर बीकानेर सहित आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से जारी पेयजल संकट में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। किसान और आमजन दोनों ही इस बदलाव से राहत महसूस कर रहे हैं और आने वाले दिनों में पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है।