तहलका न्यूज,बीकानेर। जिले के नाल थाना इलाके में खेत की डिग्गी एक बार फिर काल बनी है। जिसमें डूबने से पिता पुत्री की मौत हो गई है।बताया जा रहा है कि बच्छासर गांव में एक हृदयविदारक हादसे में पिता और बेटी की जान चली गई। हादसा खेत में बनी पानी की डिग्गी में डूबने से हुआ।घटना नाल थाना इलाके की बताई जा रही है।मृतक गोरखाराम मेघवाल अपनी 22 वर्षीय बेटी सुशीला के साथ खेत पर थे। देर रात सुशीला डिग्गी से पानी भरने पहुंची, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में गिर गई।बेटी को बचाने के लिए गोरखाराम बिना देर किए डि ग्गी में कूद पड़े,लेकिन दोनों गहरे पानी में फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।कुछ देर बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली,जिसके बाद मौके पर बचाव कार्य शुरू किया गया।करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव बाहर निकाले। नाल थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों में बनी खुली डिग्गियों के आसपास सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य किए जाएं,ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
नौ दिन में नौ मौतें
जिले में पिछले नौ दिनों के भीतर डिग्गियों में डूबने की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। 14 मई बज्जू थाना इलाके में तीन सगी बहनों 23 वर्षीय धापू,19 वर्षीय सुशीला व 15 वर्षीय अन्नू की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। 19 मई को पूगल थाना इलाके में नानी 52 वर्षीय वसु कंवर-दोहिते 7 वर्षीय हरिसिंहकी डूबने से मौत हो गई है।बुधवार को जिले के बज्जू थानान्तर्गत ग्राम पंचायत बीजेरी के मोडिय़ा फांटा में खेत की डिग्गी में डूबने से 12 वर्षीय बच्ची और 8 साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान वकीला पुत्री हसन खान (12) और यूनुस पुत्र शौकत खान (8) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पिछले नौ दिनों में 9 जने काल का ग्रास बने है।लगातार हो रहे हादसों ने खेतों में बनी खुली डिग्गियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों के पास बनी पानी की डिग्गियां अक्सर बिना सुरक्षा घेराबंदी के खुली रहती हैं। ऐसे में बच्चे खेलते-खेलते इनके पास पहुंच जाते हैं और हादसे हो जाते हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद अब सुरक्षा उपायों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
