तहलका न्यूज,बीकानेर।जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में एक गोदाम में आग लग गई।आग में लाखों रूपये का सामान जलकर राख हो गया है।मिली जानकारी के अनुसार कस्बे के रिद्धि सिद्धि इलेक्ट्रॉनिक के गोदाम में सोमवार को अचानक भीषण आग लग गई,जिससे गोदाम में रखा लाखों रुपये का इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर खाक हो गया।आग की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम के पास सफाई के दौरान कचरा जलाया गया था,जिससे निकली चिंगारियों ने गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखे कूलर,पंखे,एयर कंडीशनर (एसी) सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जलकर नष्ट हो गए।घटना के दौरान नगर पालिका की दमकल मौके पर नहीं पहुंच सकी।दमकल वाहन तकनीकी खराबी और ऑपरेटर की अनुपस्थिति के कारण समय पर रवाना नहीं हो पाया।वहीं आग बुझाने के लिए उपलब्ध अग्निशमन यंत्र भी खाली पाए गए,जिससे आग पर तत्काल नियंत्रण पाने में परेशानी हुई।आग की गंभीरता को देखते हुए बीएसएफ के टैंकरों तथा स्थानीय निजी टैंकरों को मौके पर बुलाया गया।काफी मशक्कत के बाद पानी की मदद से आग पर काबू पाया गया।समय रहते आग को नियंत्रित नहीं किया जाता तो आसपास के क्षेत्र में भी बड़ा नुकसान हो सकता था।सूचना मिलते ही पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।प्रशासन द्वारा आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

दमकल के न पहुंचने पर लाखों का सामान जलकर राख

सोमवार सुबह मिस्त्री मार्केट में किसी दुकानदार ने कचरा जलाया और कचरा जलने पर आग की लपटें तेज हो गई और उसी में से चिंगारी निकल कर पास में बने इलैक्ट्रोनिक्स गौदाम में जा पहुंची जिससे अचानक गौदाम में आग लग गई और गौदाम में रखा लाखों रूपये का इलैक्ट्रोनिक्स सामान कुछ ही समय में जल कर राख हो गया।नगरपालिका में सूचना देकर दमकल बुलानी चाहिए लेकिन मौके पर दमकल को ऑपरेट करने वाले दोनों कार्मिक ही नदारद मिले और पता चला कि बिना बताये वे अनुपस्थित हैं और इसकी जानकारी नगरपालिका प्रशासन को नहीं है।क्या यही व्यवस्था हमेशा इसी तरह बनी रहेगी या फिर कोई सुधार होगा,ये सवाल खाजूवाला की जनता पूछना चा रही है नगरपालिका प्रशासन से।काफी वर्षों से खाजूवालावासियों की मांग रही थी कि खाजूवाला में दमकल होनी चाहिए।किसी तरह से नगर निगम बीकानेर से दमकल मिल गई,लेकिन उसका दम इस तरह से निकलेगा,ये आमजन को पता नहीं था।सोमवार सुबह इलैट्रोनिक्स गोदाम में आग लगने पर दमकल की आवश्यकता पड़ी तो पता चला कि दमकल का खुद का ही दम निकला हुआ है और उसके ऑपरेटर ही गायब हैं,तो विपदा आने पर आखिर ऐसी स्थिति में दमकल को ऑपरेट कौन करे।भला हो बीएसएफ का जिन्होंने टैंकरों और मण्डीवासियों के सहयोग से आग पर काबू पा लिया गया। अगर कभी कोई बड़ा हादसा हो जाये तो नगरपालिका की दमकल के भरोसे शायद कुछ नहीं होगा क्योंकि दिन भर सोशल मीडिया पर इसी बात को लेकर चर्चा होती रही कि दमकल का खुद का दम निकला हुआ है और उसे ऑपरेट करने वालों का नगरपालिका प्रशासन को ही पता नहीं है कि कार्मिक कहां है।खाजूवाला नगरपालिका बने हुए चार वर्ष हो चुके हैं लेकिन स्वयं की एक दमकल ना होना भी प्रशासन और सरकार पर सवालिया निशान है।अगर दमकल समय पर पहुंचती तो शायद दुकानदार का इलैक्ट्रोनिक्स सामान जलने से बच जाता लेकिन जब कुए में भांग मिल जाये तो ऐसा ही होता है।शायद खाजूवाला का कोई धणी-धोरी नहीं है अन्यथा ऐसी व्यवस्था ना होती।स्थानीय विधायक ने विधानसभा में भी दमकल गाड़ी का मुद्दा उठाया था,तब जाकर नगर निगम बीकानेर से ये पुरानी दमकल मिली थी,जिससे चलाने वाले भी मौके से नदारद मिले,ऐसे में दमकल मिलना या ना मिलना बराबर है।जिस जोश और उत्साह के साथ खाजूवाला को नगरपालिका का दर्जा मिला था,उस जोश के अनुसार मण्डीवासियों को आजतक वो सुविधाऐं नहीं मिली जो मिलनी चाहिए थी।अब सवाल उठता है कि जिस दुकानदार को लाखों रूपये का सामान जलकर राख हो गया आखिर उसको मुआवजा कौन देगा।