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तहलका न्यूज़ बीकानेर। लोन वसूली के नाम पर बैंकों और निजी फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट अब कानून और RBI की गाइडलाइन को ताक पर रखकर धमकाने पर उतर आए हैं। एक ताजा मामले में “Money View” नाम की फाइनेंस कंपनी के एजेंट द्वारा भेजे गए मैसेज ने वसूली के तरीके पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।भेजे गए मैसेज में साफ लिखा है – अगर इज्जत प्यारी है तो पैसा दो वरना रिश्तेदारों और पड़ोसियों को कॉल करके बदनाम किया जाएगा।

*RBI की गाइडलाइन क्या कहती है*  

RBI के फेयर प्रैक्टिस कोड और डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइन के अनुसार रिकवरी एजेंट कर्जदार से सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही संपर्क कर सकते हैं। किसी तीसरे व्यक्ति, रिश्तेदार या पड़ोसी को कर्ज की जानकारी देना पूरी तरह प्रतिबंधित है। धमकाना, गाली देना, बार-बार कॉल करना या सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

कानून का उल्लंघन

विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के मैसेज IPC की धारा 384 – जबरन वसूली और IT एक्ट के तहत साइबर धमकी की श्रेणी में आते हैं। सुप्रीम कोर्ट भी पहले कह चुका है कि कर्ज वसूली का मतलब कर्जदार की गरिमा पर हमला नहीं हो सकता।

*बढ़ रहे मामले*  

पिछले कुछ समय से निजी फाइनेंस ऐप और NBFC की वसूली को लेकर शिकायतें बढ़ी हैं। एजेंट कर्जदार के कॉन्टैक्ट लिस्ट का गलत इस्तेमाल कर उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और ऑफिस में कॉल करके मानसिक दबाव बनाते हैं। कई मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आ चुकी है।

*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*

उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि RBI और पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। कर्जदारों से अपील है कि धमकी भरे मैसेज या कॉल का स्क्रीनशॉट लेकर नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और RBI के शिकायत पोर्टल http://cms.rbi.org.in पर भी रिपोर्ट करें।फिलहाल Money View कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि लोन वसूली के नाम पर आम लोगों को किस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है।

लाखों रुपए के 100 मोबाइल पुलिस ने किया बरामद मालिकों को सौंपे

बीकानेर। रेंज पुलिस  को  बड़ी सफलता हासिल हुई है। पुलिस ने महज 30 दिनों के भीतर विभिन्न स्थानों से गुम हुए 100 मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है। मंगलवार को महानिरीक्षक पुलिस  कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में ये मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।जिससे लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई।

​CEIR पोर्टल बना मददगार

​यह पूरी कार्रवाई बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओम प्रकाश  के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई। रेंज कार्यालय की सोशल मीडिया सेल ने दूर