जयनारायण बिस्सा
तहलका न्यूज,बीकानेर।वार्डों के आरक्षण और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब पार्षद का चुनाव लडऩे वाले टिकटों की मारमारी में लग गये है।जहां कांग्रेस ने ऑनलाइन और ऑफलाइन चुनावी प्रक्रिया शुरू की है तो वहीं भाजपा संभाग कार्यालय से आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऐसे में दावेदारों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है।लंबे समय बाद चुनाव होने के कारण हर पार्टी में टिकट चाहने वालों की संख्या बहुत अधिक है,जिससे वरिष्ठ नेताओं के लिए भी चयन करना मुश्किल सकता है।पार्टियों द्वारा युवाओं को अधिक मौका देने की मंशा भी संभवत पार्टियों में असंतोष खड़ा कर सकता है।जिससे फिर से निर्दलियों की बहार देखने को मिल सकती है।पिछले तीन चुनावों की बात करें तो निर्दलिय उम्मीदवारों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।आंकड़ों पर नजर डाले तो भाजपा को 38 सीटें,कांग्रेस को 30 सीटें,एक सीट कांग्रेस से बागी हुई लक्ष्मीदेवी बसपा के निशान पर जीती।तो विगत चुनावों में करीब 164 निर्दलिय प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरे।जिसमें से 11 जीतकर पार्षद बनें।वहीं 2014 के चुनाव में करीब 141 निर्दलिय चुनाव मैदान में थे।जिसमें से 9 ने जीत हासिल की थी।वहीं 2009 में यह संख्या करीब पचास के आसपास रही।इसमें केवल 2 निर्दलियों को ही जीत मिल सकी थी।
कई वार्डों में रहे निर्णायक
अगर पिछले निगम चुनावों के परिणामों पर नजर डाले तो पता चलता है कि पिछले चुनाव में कई ऐसे वार्ड रहे।जहां निर्दलिय मजबूती के साथ उभरे।जिन्होंने प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवारों को तीसरे से चौथे स्थान पर धकेला था।विगत निगम चुनाव में वार्ड 3,6,8,18,21,26,33,35,50,7 6,79 से निर्दलिय विजय रहे।इनमें से वार्ड 6,18,21,35 व 79 से कांग्रेस के बागी बनकर निर्दलिय चुनाव लडऩे वालों ने जीत हासिल की थी।तो वार्ड 8,26,50 में भाजपा के बागियों ने बतौर निर्दलिय विजयी श्री प्राप्त की।
इन वार्डों में रहे दूसरे नंबर
मजे की बात यह है कि 2019 के चुनावी परिणाम में कई वार्डों में जीत का अंतर 150 से कम रहा।जिसमें निर्दलियों ने पूरा गणित बिगाड़ा था।इसमें वार्ड 7 से इमरान खान,13 में अरूण सक्सेना,15 में मनीष अरोड़ा,19 में भागीरथ,23 से शांति,29 से श्रवण कुमार,32 से भगवती प्रसाद गौड,40 से श्यामसुंदर,49 से पवन कुमार,51 से भावना गहलोत,56 से भंवरलाल,53 से साहबूदीन भुट्टो,63 में किशन चौधरी,67 से जयश्री भाटी,70 में निर्मला देवी,71 से नरेश कुमार,8 से रजिया,80 से ताहिर हसन दूसरे नंबर पर रहे।
भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों को किया प्रभावित
निगम के 80 वार्डों में कई वार्ड ऐसे रहे।जिसमें निर्दलियों ने कांग्रेस-भाजपा के उम्मीदवारों को सीधा प्रभावित किया।जिसके कारण परिणाम भी परिवर्तित हुए।इसमें ज्यादा 12 सीटों का नुकसान कांग्रेस को हुआ।जबकि भाजपा को भी सात सीटों का नुकसान उठाना पड़ा।जिन वार्डों में सीधे कांग्रेस को खामियाजा भुगतना पड़ा उनमें 2,4,7,19,22,23,24,26,31,49,60,61 व भाजपा के बागियों ने 8,15,32,50,51,54,67 वार्ड में भाजपा को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाया।
पांच सौ से कम वोट मिले भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों को
हालांकि दोनों ही प्रमुख दलों ने पूरे 80 वार्डों में अपने प्रत्याशी नहीं उतार पाएं।लेकिन भाजपा के 9 प्रत्याशियों को 500 से कम वोट हासिल हुए तो कांग्रेस के तीन प्रत्याशी 500 का भी आंकड़ा नहीं छू पाएं।जितने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा उनमें भाजपा के 1 नं वार्ड के प्रत्याशी को के वल 328 वोट,वार्ड 15 में केवल 193 वोट,वार्ड 21 में केवल 170 वोट,वार्ड 26 में केवल 267 वोट,वार्ड 30 में केवल 409,वार्ड 35 में केवल 1 63 वोट,वार्ड 42 में केवल 263 वोट,वार्ड 53 में केवल 312 वोट,वार्ड 78 में केवल 487 वोट ही मिल पाएं।उधर कांग्रेस के 29 के प्रत्याशी को केवल 433,वार्ड 33 में कांग्रेस के प्रत्याशी को 213,वार्ड 70 में कांग्रेस के प्रत्याशी को केवल 133 वोट ही मिले पाएं।
टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय विकल्प
जिन वार्डों में टिकट के दावेदार अधिक हैं,वहां कुछ नेता टिकट नहीं मिलने की स्थिति में निर्दलीय चुनाव लडऩे की तैयारी में हैं।ऐसे में कई वार्डों में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन सकते हैं।हालात यह है कि आवेदन लेने के समय दोनों ही पार्टियों के दावेदार अपनी दावेदारी जताते वक्त अपने अध्यक्षों को इस बात की चेतावनी देते हुए भी नजर आ रहे है।जिसके चलते पार्टियां भी सकते में है।
