तहलका न्यूज,बीकानेर।आमतौर पर सोशल मीडिया पर बवासीर,भगन्दर,फिशर,पथरी जैसे रोगों का आयुर्वेदिक इलाज गारंटी से करने के विडियो देखने को मिलते है।जिससे प्रभावित होकर इन रोगों से संबंधित रोगी इलाज के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते है।परन्तु शहर के सादुलगंज स्थित एक क्लिनिक में आयुर्वेदिक पद्धति से रोगियों ऑपरेशन करने के बाद तबीयत बिगडऩे का मामला सामने आया है।जिसके बाद रोगियों व उनके परिजनों का गुस्सा आज फूट गया।बताया जा रहा है कि जनता पाइल्स क्लिनिक के नाम पर बवासीर,भगन्दर,फिशर का इलाज आयुर्वेद की एक विशेष पद्धति से दिल्ली के एक चिकित्सक की ओर से करने का दावा किया जाता है।इसके तहत कई मरीजों का इलाज भी किया गया।जिसमें से 14 मरीजों की तबीयत बिगड़ गई।जिसके बाद क्लिनिक पहुंचे रोगी व उनके परिजनों ने बवाल मचा दिया।रोगियों के परिजनों का आरोप है कि यहां महीने में एक बार संबंधित रोग का चिकित्सक इलाज करने आता है।लेकिन लंबे समय से दवा लेने के बाद भी रोगियों के फर्क नहीं पड़ रहा है।हंगामें की सूचना पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के उपनिदेशक डॉ देवेन्द्र चौधरी मौके पर पहुंचे। डॉ चौधरी ने क्लिनिक में मौजूद चिकित्सक व स्टॉफ से इस बारे में पूछा लेकिन वे संतोषजनक जबाब नहीं दे पाएं। पता चला है कि इस क्लिनिक का न तो रजिस्ट्रेशन है और न ही विभागीय अनुमति ले रखी है।ऐसे में बिना अनुमति इस प्रकार क्लिनिक के संचालन पर सवालिया निशान उठ रहे है।डॉ चौधरी ने बताया कि वे क्लिनिक के कागजातों की गहनता से जांच पड़ताल कर रहे है।साथ ही आयुर्वेद विभाग से भी जानकारी जुटा रहे है कि इस पद्धति से किये जा रहे इलाज के लाभ-हानि क्या है।
शिकायत पर कार्रवाई हुई
संयुक्त निदेशक डॉ.देवेंद्र चौधरी ने बताया कि जनता पाइल्स क्लिनिक में पाइल्स रोगियों के इलाज किया जा रहा है।ये अस्पताल की चैन है,जो प्रदेश के अनेक जिलों में चल रही है।गुरुवार को रोगियों ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि अवैध रूप से क्लिनिक चलाया जा रहा है और यहां आयुर्वेद डॉक्टर ऐलोपैथी से इलाज कर रहे हैं।जहां एमबीबीएस डिग्रीधारी डॉक्टर की जरूरत है।वहां आयुर्वेदिक डॉक्टर देख रहे हैं। रोगियों को पाइल्स इलाज के लिए ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाता है।बाद में ऑपरेशन भी यहीं पर किए जा रहे हैं। जांच की जा रही है कि ऑपरेशन योग्य डॉक्टर कर रहा है या फिर ये भी अवैध रूप से हो रहे हैं।
अस्पताल सीज होगा,एफआईआर भी होगी
डॉ.चौधरी ने बताया कि क्लिनिक चलाने के लिए आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए गए हैं।वहीं योग्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।ऐसे में क्लिनिक को सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।यहां दवाओं की दुकान भी अवैध तरीके से चल रही है।जिसके लिए ड्रग डिपार्टमेंट से स्वीकृति नहीं है,ऐसे में ड्रग इंस्पेक्टर अपनी तरफ से अलग अलग कार्रवाई की जा रही है।इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज करवाई जा रही है।
