तहलका न्यूज,बीकानेर। भारतीय भवन निर्माण श्रमिक संघ, संबंध भारतीय मजदूर संघ बीकानेर द्वारा श्रमिकों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपा गया।इस दौरान जिलाध्यक्ष नाथूराम सांखला के नेतृत्व में श्रमिक हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगों को प्रमुखता से उठाया गया।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।ज्ञापन देने में  जिला मंत्री नवीन स्वामी, संगठन मंत्री ओम रामावत,कोषाध्यक्ष दिलीप व्यास,नत्थू सांखला,धुड़ाराम सांखला,अनुप प्रजापत,भरत कुमार,नन्दलाल गहलोत,हरीश सुथार,गणेश सांखला,केशरी चंद सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रमुख मांगे :

सभी पात्र श्रमिकों का पंजीकरण आवेदन के एक माह के भीतर किया जाए तथा अनावश्यक आपत्तियों को समाप्त किया जाए।

अन्य राज्यों से आकर राजस्थान में कार्य कर रहे श्रमिकों को भी राज्य की योजनाओं का लाभ दिया जाए।

छात्रवृत्ति योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।

प्रत्येक जिले में श्रमिक कल्याण बोर्ड का गठन कर श्रमिक प्रतिनिधियों को स्थान दिया जाए।

कोविड काल में बोर्ड की राशि जो सरकार द्वारा ली गई थी, उसे तत्काल वापस जमा कराया जाए।

ई-मित्र द्वारा निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने पर रोक लगाई जाए।

श्रमिकों के लिए अलग पोर्टल शुरू किया जाए एवं यूनियनों को आईडी प्रदान की जाए ताकि अधिक से अधिक पंजीकरण हो सके।

सभी योजनाओं की स्वीकृत राशि का भुगतान आवेदन के एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

नवीनीकरण की प्रक्रिया 10 दिनों के भीतर पूरी की जाए।

पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा OTP जैसी जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त किया जाए।

उपकर राशि की वसूली पारदर्शी तरीके से की जाए ताकि श्रमिकों को लाभ देने में कोई कमी न हो।

नेशनल पेंशन स्कीम की लंबित राशि का समय पर भुगतान किया जाए।

60 वर्ष पूर्ण कर चुके श्रमिकों को ₹5000 मासिक पेंशन दी जाए।

छोटे-छोटे कार्यों व अपील के लिए श्रमिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए समयबद्ध समाधान किया जाए।

ऑनलाइन प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए और यूनियनों को अधिकार दिए जाएं।

भवन एवं अन्य संनिर्माण बोर्ड का संचालन श्रमिक हित में स्वतंत्र रूप से किया जाए।

श्रमिक डायरी में नाम, आधार व मोबाइल अपडेट की प्रक्रिया सरल और स्थानीय स्तर पर कराई जाए।

आवेदन रिजेक्ट होने पर श्रमिक को सूचना दी जाए तथा अपील का समय पर निस्तारण किया जाए।

स्वीकृत योजनाओं का भुगतान 7 दिनों के भीतर किया जाए।

श्रमिक की मृत्यु होने पर 7 दिन के भीतर सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।