बीकानेर मेंं स्थापित हो रही है भारत की एक मात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज
तहलका न्यूज,बीकानेर।रियासत काल से बीकानेर में खेलों की समृद्ध परंपरा रही है।बीकानेर के तत्कालीन महाराजा करणी सिंह और उनकी पुत्री राज्यश्री कुमारी ने निशानेबाजी में ऐतिहासिक और मानक का ध्यान रखा गया है।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए क्लब के अध्यक्ष हनुमान सिंह उपलब्धियां हासिल की।उसी समृद्धशाली परम्परा को आगे बढ़ाते हुए सादुल क्लब,में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज स्थापित की जा रही है। इस शूटिंग रेंज में ओलंपिक खेलों के स्तर लगाई जा रही है और यहां वही सब मापदंड अपनाएं जा रहें हैं, जो ओलम्पिक खेलों के लिए अनिवार्य राठौड और सचिव एम.पी. सिंह सोहन ने बताया कि इस शूटिंग रेंज में ओलंपिक स्तर की मशीन है। ओलंपिक 2028 में पदक जीतने के लिए एक शूटिंग रेंज में निशानेबाजों को जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक चाहिए.वो सभी उपलब्ध करवाई जा रही है।इस स्तर की मशीनें पूरे भारत में सिर्फ बीकानेर लगाई जा रही है।सादुल क्लब बीकानेर की शूटिंग रेंज पूरे भारत में एकमात्र शूटिंग रेंज होगी,जहां विश्वस्तरीय निशानेबाजों की प्रतिस्पर्धा और ओलम्पिक खेलों के स्तर को ध्यान में रखते हुए तकनीकी उपलब्ध करवाई जाएगी।उन्होंने बताया कि अभी कुल 17 मशीन लगाई गई है,जिसमें 15 टैप स्पर्धा और दो स्कीट स्पर्धा के लिए है।ये मशीनें इंग्लैंड की प्रोमेटिक कंपनी से मंगवाई गई है और इनको स्थापित करने के लिए कंपनी से दो इंजीनियर भी आए हैं।इंग्लैंड से आए इंजीनियर केविन और जोस इन मशीनों को स्थापित करने के लिए दिन रात जुटे हुए हैं।राठौड़ ने बताया कि गुजरे रियासतकालीन जमाने में महाराजा करणी सिंह और उनकी पत्री राज्यश्री कुमारी ने निशानेबाजी में परचम लहराया था। निशानेबाजी की इन उपलब्धियों पर डा.करणी सिंह को 1961 में और राज्यश्री कुमारी को 1969 में अर्जन अवार्ड प्रदान किया गया था।साथ ही राज्यवर्धन सिंह राठौड ने ओलंपिक और अपूर्वी चंदेला ने राष्टमंडल खेलों व विश्व कप निशानेबाजी में नाम कमाया है।इसी प्रकार उभरते युवा निशानेबाज उद्धव सिंह हरासर ने भी बीकानेर का मान बढ़ाया है। हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे बीकानेर और भारत का नाम रोशन करें।तकनीकी रूप से उन्हें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।ट्रेनिंग के लिए देश के उच्च स्तरीय कोच की व्यवस्था की जाएगी।जरूरत पडऩे पर विदेशी कोच को भी बुलाएंगे।उन्होंने बताया कि इस शूटिंग रेंज का अवलोकन करने के लिए नेशनल राइफल एसोसिएशन के तकनीकी पदाधिकारी यहां आएंगे।वे इस रेंज का तकनीक रूप से गहन परीक्षण करेंगे और उसके बाद सादुल क्लब को एक प्रमाण पत्र जारी करेंगे।उस प्रमाण पत्र के आधार पर हम जिला प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर ट्रेनिंग शुरू कर देंगे।निशानेबाजों को ट्रेनिंग के लिए सादुल क्लब की ओर से कुछ बंदूके भी उपलब्ध करवाई जाएगी।सचिव सोइन ने बताया कि वर्तमान में,सादुल क्लब में बास्केटबॉल, टेनिस,टेबल टेनिस,ताइक्वांडो, तीरंदाजी,क्रिकेट,पिकल बाल,बैडमिंटन,बिलियर्ड्स,तैराकी खेलों की सुविधाएं उपलब्ध हैं।क्लब में भौमत रूप से लगभग 300 से 400 बच्चे अभ्यास करते हैं।क्लब में अभ्यास करने वाले खिलाडियों ने राज्य और राष्टीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की है।अब इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की शटिंग रेंज के माध्यम से हमारे बच्चे देश के लिए मैडल जीत सकेंगे।
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