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स्वर्ण व्यापारी को गैंगस्टर की धमकी मामले में उठने लगे सवाल

पुलिस की भूमिका पर भी सवालिया निशान

Khaosa
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स्वर्ण व्यापारी को गैंगस्टर की धमकी मामले में उठने लगे सवाल


तहलका न्यूज,बीकानेर।शहर के नयाशहर थाना इलाके में विगत दो माह पहले एक स्वर्ण व्यापारी को गैंगस्टर के नाम से फोन कर फिरौती मांगने के मामले में अब सवाल उठने लगे है।इस मामले में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे है।बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में बदमाश  विष्णु साध को गिरफ्तार किया है। जबकि उसको जयपुर निवास पर शरण देने वाले स्वर्ण व्यापारी मनीष सोनी लांबा को तीन दिन तक हिरासत मेें  रखने के बाद पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर जंग से छिड़ गई है।लोगों का मानना है कि इस पूरे प्रकरण में  खाकी कही न कही संदिग्ध लग रही है।चर्चा यह भी है कि अगर अपराध करने वाला अपराधी है तो क्या अपराधी को शरण देने वाला अपराधी  नहीं है? ऐसे में मनीष लांबा को पुलिस की ओर से जमानत दे देना कही न कही पुलिस की भूमिका पर प्रश्न उठाते है।
क्या कहता है कानून
नवीन आपराधिक कानून-2023,बी.एन.एस. की धारा-249 के अनुसार अपराध करने के बाद किसी अपराधी को छुपाना या संश्रय देना भी  अपराध है।यदि वह अपराध मृत्यु से दण्डनीय/गंभीर अपराध हो तो आश्रय देने वाले को 5 साल तक के कारावास और जुर्माना से दंडित किया जायेगा।यदि अपराध की सजा उम्रकैद या 10 साल तक की है, तो छिपाने वाले को 3 साल तक के कारावास और जुर्माने से दंडित किया जायेगा।यदि अपराध जो 1 वर्ष तक, न कि 10 वर्ष तक के कारावास से दण्डनीय हो, तो वह उस अपराध के लिए उपबन्धित भांति के कारावास से,जिसकी अवधि उस अपराध के लिए उपबन्धित कारावास की दीर्घतम अवधि की 1/4 तक की हो सकेगी,या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित कि या जाएगा।इस उपबंध का विस्तार ऐसे मामले पर नहीं है जिससे अपराधी को संश्रय देना या छिपाना उसके पति/पत्नी द्वारा हो।अपराधी को आश्रय  देना दंडनीय अपराध है।
राजनीतिक दलों के दबाव की बात आई सामने
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मनीष सोनी लांबा को बचाने के लिये न केवल खाकी पर आरोप लग रहे है। बल्कि राजनीतिक दलों के दबाव की बात भी सामने आ रही है।पता चला है कि इसके लिये सता व विपक्ष की पार्टियों के नेताओं खासा दबाव बनाया है।जिसके चलते  मनीष सोनी लांबा पर पुलिस ने गंभीर धाराएं न लगाकर उन्हें पूछताछ कर रवाना कर दिया और शहर न छोडऩे की हिदायत दी। बता दें कि सोनी  कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बीकानेर के मंत्रियों के खासे नजदीक माने जाते रहे है और पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा का दुप्पटा पहनकर भाजपाईयों के नजदीकी बन गये। ऐसे में दोनों ही पार्टियों के प्रमुख नेताओं ने अपने अपने स्तर पर जोर अजमाईश कर सोनी को बचाने  के लिये हरसंभव प्रयास किया। 
सही जांच हो तो बड़े स्तर का खेल होगा उजागर!
दबी जुंबा में स्वर्णकार समाज के लोगों का कहना है कि अगर समाज के पूर्व अध्यक्ष रहे मनीष सोनी लांबा के खिलाफ पुलिस निष्पक्ष जांच करें तो बड़े स्तर का खेल उजागर हो सकता है।कुछ लोगों ने अपने नाम न छापने की शर्ते पर बताया कि इन्होंने समाज के कई व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी,धमकाने जैसी हरकतें की है।इतना ही नहीं व्यापार में भी गड़बड़ी की बात सामने आ रही है।सोनी ने पुलिस अधिकारियों से अपने प्रगाढ़ संबंधों की धौंस दिखाकर ऐसे कई मामलों में समझौता करवाने में बीच बचाव की भूमिका भी निभाई है और करोड़ों का लेनेदन कर सामाजिक लोगों का ठगा है। 

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