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'बेटी बचाओ,बहु पढ़ाओ का दिया संदेश

Khaosa
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'बेटी बचाओ,बहु पढ़ाओ का दिया संदेश

 


तहलका न्यूज,बीकानेर।हरि शरणम् ग्रुप की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण पाठ के तीसरे दिन शिव-पार्वती मंदिर, माली समाज भवन में भगवान श्रीराम एवं माता सीता के विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया।सीथल पीठाधीश्वर पूज्य महंत श्री 1008 क्षमाराम जी महाराज ने श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से विवाह संस्कार की महत्ता,पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की गरिमा को विस्तार से समझाया। इससे पूर्व दूसरे दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया गया था।महाराजश्री ने कहा कि जनकपुर में विवाह संस्कार संपन्न होने के बाद माता सीता की विदाई का प्रसंग बेटी के जीवन में पीहर और ससुराल, दोनों परिवारों के महत्व को दर्शाता है। पीहर बेटी के लिए जीवनभर स्नेह, अपनत्व और भावनात्मक संबल का केंद्र रहता है, जबकि विवाह के बाद वह नए परिवार में नए रिश्तों और जिम्मेदारियों के साथ जीवन की नई यात्रा आरंभ करती है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह प्रेम, विश्वास, मर्यादा, समर्पण और पारिवारिक कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। सनातन संस्कृति में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच प्रेम, विश्वास और सम्मान का पवित्र बंधन है।
'बेटी बचाओ,बहु पढ़ाओ का दिया संदेश
राम-विवाह प्रसंग से प्रेरणा लेते हुए महाराजश्री ने *बेटी बचाओ,बहु पढ़ाओ" का संदेश दिया।उन्होंने कहा कि बेटियों को अच्छी शिक्षा,सम्मान और आत्मनिर्भर बनने के पर्याप्त अवसर देना समाज की जिम्मेदारी है।इसी प्रकार विवाह के बाद बहुओं को भी बेटी के समान स्नेह,सम्मान और शिक्षा प्राप्त करने तथा आगे बढऩे के अवसर मिलने चाहिए।महाराजश्री ने परिवारों से आह्वान किया कि वे बेटियों और बहुओं के प्रति समान आदर एवं संवेदनशीलता का भाव रखें। जिस परिवार में महिलाओं को सम्मान, शिक्षा और आगे बढऩे की स्वतंत्रता मिलती है, वहां प्रेम, सद्भाव और खुशहाली का वातावरण निर्मित होता है।रामचरितमानस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर ही संस्कारवान परिवार और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

2 नवंबर तक होगा आयोजन
हरि शरणम् ग्रुप की शांता शर्मा ने बताया कि नौ दिवसीय श्रीरामचरितमानस नवाह्न पारायण पाठ का आयोजन 25 अक्टूबर से 2 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह 11:30 बजे से किया जा रहा है। कथा का लाइव प्रसारण गोरबंद चैनल के यूट्यूब चैनल पर भी किया जा रहा है।हरि शरणम् ग्रुप की ओर से समस्त श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर श्रीरामचरितमानस पाठ एवं पूज्य महाराजश्री की अमृतमयी वाणी का श्रवण करने तथा धर्म, भक्ति और संस्कारों का लाभ लेने का आग्रह किया गया है।

 

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