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जूतों की माला लेकर पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता, पुलिस से झड़प

तहलका न्यूज,बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की कथित बदहाली और लचर व्यवस्थाओं को

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जूतों की माला लेकर पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ता, पुलिस से झड़प

तहलका न्यूज,बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल की कथित बदहाली और लचर व्यवस्थाओं को लेकर सड़कों पर उतरे एनएसयूआई के छात्र कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जबरदस्त खींचतान हुई है।यह पूरा आंदोलन अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के खिलाफ केंद्रित था।प्रदर्शन के दौरान छात्र इतने उग्र हो गए कि वे अपने साथ जूतों की माला लेकर पीबीएम अधीक्षक के कार्यालय की तरफ बढ़ गए,जिसके बाद मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल को मोर्चा संभालना पड़ा।एनएसयूआई ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की शव यात्रा निकाली। इस दौरान चिकित्सा मंत्री का पुतला भी फूंका गया।

अधीक्षक को पहनाना चाहते थे जूतों की माला !
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में दवाओं की कमी,जांच मशीनों की खराबी और दूर-दराज के गांवों से आने वाले मरीजों को मिलने वाले कथित खराब इलाज के विरोध में कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई संगठन ने एक बड़ी विरोध रैली का आयोजन किया था। छात्र कार्यकर्ताओं ने रैली के दौरान चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चिकित्सा विभाग पर बीकानेर की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया।प्रदर्शन का सबसे विवादित मोड़ तब आया जब छात्र नेता अपने हाथों में जूतों की माला लेकर पीबीएम अधीक्षक को पहनाने की आक्रामक जिद पर अड़ गए।

पुलिस और छात्रों में धक्का-मुक्की
जैसे ही रैली अस्पताल परिसर के नजदीक पहुंची, वहां पहले से तैनात पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को बीच रास्ते में ही रोक लिया।इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प शुरू हो गई।अध्यक्ष श्री कृष्ण गोदारा ने बताया कि प्रशांति पूर्ण तरीके से अपना ज्ञापन देने एवं अधीक्षक के पास जा रहे थे।पुलिस ने जबरन उन्हें अंदर जाने से रोका और उनके साथ धक्का मुक्की की।उन्होंने कहा कि एनएसयूआई का कार्यकर्ता ऐसे दबाव की राजनीति से नहीं डरेगा और 30 तारीख को पूरी ताकत के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय के घेराव में भागीदारी निभाएगा।

पुलिस का हल्का बल प्रयोग
अस्पताल परिसर के भीतर मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को अधीक्षक कार्यालय के मुख्य गेट से काफी दूर रोकने का प्रयास किया।जब एनएसयूआई के कार्यकर्ता और छात्र नेता पुलिस के घेरे को तोड़कर जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे और जूतों की माला लहराते हुए आगे बढ़े,तो पुलिस ने हालात को पूरी तरह अनियंत्रित होने से बचाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।गौरतलब है कि पीबीएम सुधारो जनआंदोलन के तहत पिछले 16 दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन जारी है। आंदोलनकारियों द्वारा अस्पताल प्रशासन,जिला कलेक्टर एवं संभागीय आयुक्त सहित संबंधित अधिकारियों को पीबीएम अस्पताल में सुधार हेतु 10 सूत्रीय मांगों को लेकर कई बार ज्ञापन सौंपे गए,लेकिन आज तक किसी भी मांग पर संतोषजनक एवं ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। साथ ही अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच किसी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में करवाई जायें।

 

ये रहे प्रदर्शन में शामिल

जिला संगठन प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि बिशनाराम सियाग,शिवलाल गोदारा,भंवर कूकणा,सुमित कोचर,रिछपाल सिगड़,राजेश गोदारा,विकास सारण,आकाश लोहिया,रामदयाल बेनिवाल,अभिमन्यू जाखड़,रामनिवास चौधरी, जगदीश सारण,रणजीतसिंह पुरोहित चौहान,राजेश जाजड़ा,रामजस कस्वां,सहीराम गोदारा,मनीष डूडी,प्रेम बैरड़,दीपक चौधरी,अशोक जोशी,बाबूलाल पूनिया आदि सहित कांग्रेसजन मौजूद रहें।

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