मुख्य सामग्री पर जाएँ
ई-पेपर
ब्रेकिंग

होलिका दहन को लेकर स्थिति हुई साफ,पढ़े पूरी खबर

तहलका न्यूज,बीकानेर। होलिका दहन और धुलंडी मानने को लेकर असमंजस को बीकानेर में पंचांगकर्ताओं और

2 मिनट पढ़ने में 0 शेयर
होलिका दहन को लेकर स्थिति हुई साफ,पढ़े पूरी खबर

तहलका न्यूज,बीकानेर। होलिका दहन और धुलंडी मानने को लेकर असमंजस को बीकानेर में पंचांगकर्ताओं और शास्त्र से जुड़े लोगों नेे सामूहिक रूप दूर किया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए पं अशोक ओझा ने बताया कि जिस तरह सोशल मीडिया व निर्णय सागर पंचांग में भ्रम के हालात है।उससे आमजन में ऊहापोह की स्थिति है। लेकिन ऐसी कोई बात नहीं है। होलिका दहन के दिन 4:23 बजे से भद्रा है। ऐसे में भद्रा में होलिका दहन नहीं हो सकता। इसलिए भद्रा के बाद ही होलिका दहन करना श्रेष्ठ है। वहीं धुलंडी के दिन चंद्र ग्रहण है,लेकिन चंद्र ग्रहण में धुलंडी पर्व मनाए जाने पर शास्त्रों में कोई रोक नहीं है। इस तरह इस बार होलिका दहन 2 मार्च को है और धूलंडी का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा।

ये रहेगा मुहूर्त
पंचांगकर्ता,ज्योतिषाचार्य पं अशोक कुमार ओझा ने बताया कि वसुदेव कृष्ण धर्मसागर पञ्चांग में भी भद्रा में होलिका दहन करना पूर्ण रूप से मना बताया गया है।अत: इस वर्ष होली के दिन बहनों द्वारा भाइयों के माला घोलाई 2 मार्च को सायं 4:23 तक करना चाहिए एवं होलिका दहन 3 मार्च को प्रात: 4:06 बजे के बाद प्रात: 6:38 बजे तक करना ही शास्त्र सम्मत है।

धुलंडी के दिन चंद्र ग्रहण
3 मार्च को चन्द्र ग्रहण दोपहर 3:28 बजे से प्रारम्भ होगा. बीकानेर सहित प्रदेश और देश के अलग-अलग हिस्सों में यह ग्रहण सायं 6:38 से चन्द्रोदय के साथ दृश्यमान होगा. जिसकी समाप्ति सायं 6:50 बजे होगी। बीकानेर में यह ग्रहण मात्र 12 मिनट ही दृश्य होगा। जिसका सूतक काल 3 मार्च को प्रात: 6:38 बजे से मान्य होगा एवं धुलण्डी उत्सव भी 3 मार्च को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य पं गिरिजाशंकर ओझा ने बताया कि सूतक काल में भोजन आदि स्पर्श का निषेध है,लेकिन बच्चों,रोगी,गर्भवती महिला एवं वृद्धजनों के लिए इनका दोष नहीं लगता. उन्होंने कहा कि धुलंडी पर्व खेलने के लिए चंद्र ग्रहण और सूतक होने से कोई अड़चन नहीं है।

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ
पंडित अशोक ओझा ने कहा कि ग्रहण के दौरान पाठ-पूजा, मंत्र-जाप करने की कोई मनाही नहीं है। केवल विग्रह और प्रतिमाओं को हाथ लगाना मना है। हवन करने से लाभ मिलता है। ग्रहण के दौरान ईश्वर का स्मरण करना चाहिए।

ताज़ा खबरों के लिए हमसे जुड़ें

हमारे चैनल से जुड़ें और सभी अपडेट सबसे पहले पाएं

इस खबर को शेयर करें: