तहलका न्यूज,बीकानेर।केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल की अध्यक्षता में जिला कलक्टर सभागार में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में गुरुवार को शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था,अतिक्रमण और ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आया।करीब 4 घंटे चली बैठक में जिले अनेक अव्यवस्थाओं पर मंथन किया।जिसमें जनप्रतिनिधियों ने विकास ठप्प होने तक बात कही।बैठक में कई विधायकों ने साफ कहा कि बीकानेर का विकास रुक गया है।शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण इतना बढ़ गया है कि सड़कें संकरी हो गई हैं।जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से दो टूक कहा कि मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर वॉल टू वॉल सड़क बनाई जाए।विधायकों ने यहां तक कहा कि यदि कब्जे हटाने पर आम जनता नाराज भी होती है तो वे उसे सहन करेंगे,लेकिन बीकानेर को शहर जैसा शहर बनाया जाना चाहिए।
अजमेर और जोधपुर सिटी बन गए,बीकानेर अब तक पीछे
बैठक में विधायक विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि अजमेर और जोधपुर सिटी बन चुके हैं,लेकिन बीकानेर आज तक उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने अधिकारियों को तीन महीने में सभी प्रमुख सड़कें दुरुस्त करने,गड्ढे भरने और महीनेवार लक्ष्य तय करने के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे से शहर में प्रवेश करने पर बीकानेर की पहचान नजर आनी चाहिए। इसके लिए हाईवे एंट्री पॉइंट पर वॉल टू वॉल रोड बनाई जानी चाहिए।
निजी कंपनियों पर बरसे विधायक
बैठक में सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी देखने को मिली। विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि शहर में केवल 50 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं,जबकि 200 कर्मचारियों की बात हुई थी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जनता क्लिनिक सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों से हर महीने वसूली की जा रही है। इन कर्मचारियों से पांच से पंद्रह हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं।
विधायकों ने शहर के विकास के लिए अपने मत रखे।
मंत्री ने याद किया पूर्व महापौर चौपड़ा को
वहीं विधायक और केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने सफाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब नारायण चौपड़ा महापौर थे तब सफाई व्यवस्था बेहतर थी।हर सप्ताह एक सड़क की नियमित सफाई होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
केन्द्रीय मंत्री ने हाइवे अधिकारियों को फटकारा
बैठक में बीकानेर-सीकर फोरलेन परियोजना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने एनएचआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने विपरीत रिपोर्ट बनाई है तो उसे हटाकर नई रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीकानेर-सीकर फोरलेन हर हाल में बननी चाहिए।
एयरपोर्ट का होगा विकास
इसके अलावा नागौर-बीकानेर फोरलेन और एयरपोर्ट से नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में याद दिलाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्ष पहले 2027 तक एयरपोर्ट विस्तार की बात कही थी। इसके बाद भी प्रशासन इस पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कलेक्टर निशांत जैन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी।
बीकानेर रिंग रोड के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश
केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को बीकानेर रिंग रोड के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधारने के लिए अलग से प्लान तैयार करने की बात भी कही गई। सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनता की नाराजगी बाद में देख लेंगे, लेकिन बीकानेर को व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई जरूरी है।
डूडी पेट्रोल पंप से गंगानगर चौराहे तक फ्लाईओवर की मांग
बैठक में डूडी पेट्रोल पंप से गंगानगर चौराहे तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इससे भारी वाहन शहर के ट्राफिक को परेशान किए बगैर सीधे बाहर निकल जाएंगे। साथ ही रविंद्र रंगमंच की दरें बढ़ाने का मुद्दा भी उठा।
पीबीएम अस्पताल को पीजीआई करने पर चर्चा
बीकानेर संभाग के पीबीएम अस्पताल को अपग्रेड करने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। चर्चा में कहा गया कि एम्स बनना संभव नहीं है,लेकिन पीजीआई स्तर का संस्थान विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। इसके लिए एनएमसी से अनुमति लेने और मेडिकल व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई गई। इस विषय पर अलग से मेडिकल बैठक करने की बात भी कही गई।
पन्नाधाय और जनता क्लिनिक में उगाही
बैठक में पन्नाधाय और जनता क्लिनिक से कथित उगाही,कर्मचारियों को पीएफ और ईएसआई का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा।
मूंगफली रिसर्च सेंटर के उपयोग पर सवाल
बैठक में मूंगफली रिसर्च सेंटर के उपयोग पर भी सवाल उठे। कहा गया कि वैज्ञानिक होने के बावजूद रिसर्च सेंटर का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। बीकानेर की मूंगफली एक्सपोर्ट में रिजेक्ट हो रही है, ऐसे में वैज्ञानिकों को सक्रिय रूप से काम में लिया जाना चाहिए।
पूगल में नाइट टूरिज्म विकसित करने का सुझाव
पूगल क्षेत्र में नाइट टूरिज्म विकसित करने और रात में तारों को देखने की पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का सुझाव भी बैठक में रखा गया। इसके अलावा पीएचईडी को पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश देने की बात भी सामने आई।
